ऐसा भी भला होता है कि कोई परिवार अपने कद (यहां पर मतलब लंबाई से है) के चलते शहर में मशहूर हो जाए। यकीन नहीं होता। हैदराबाद की रहने वाली चौहान फैमिली के साथ ऐसा ही है। परिवार के 11 में से 9 सदस्य बौने हैं। सभी आनुवंशिक विकार एकोनड्रोप्लासिया से पीड़ित हैं, जिसमें व्यक्ति की लंबाई नहीं बढ़ती। चौहान परिवार जब साथ बाजार निकलता है तो लोगों की नजर उन्हीं पर ठहर जाती है।
परिवार के मुखिया, 52 वर्षीय राम राज बताते हैं। ‘हम जब भी कहीं निकलते हैं, लोगों की भीड़ से घिर जाते हैं। वो हमसे तरह-तरह के सवाल पूछते हैं। मसलन, आप इतने छोटे क्यों हो? कहां से आए हो? हर कोई कमेंट करता है।’ राम राज विवाह स्वागतकर्ता का काम करते हैं। मतलब, बैंक्वेट हॉल आदि के बाहर खड़े होकर मेहमानों का स्वागत करते हैं। लेकिन उन्हें नौकरी की जरूरत है, क्योंकि परिवार की जरूरत बड़ी है।
विवाह स्वागतकर्ता का काम खर्च चलाने के लिए पर्याप्त नहीं हो रहा। वह कहते हैं कि कोई उन्हें नौकरी देने के लिए तैयार नहीं होता। जो भी मिलता है, पूछता है कि आखिर कैसे आप काम करोगे? राम राज की 27 वर्षीय बेटी अंबिका अकाउंटेंट की नौकरी करना चाहती है लेकिन उसी विकार से पीड़ित है, जो पिता से उसे मिला। उसे भी नौकरी तलाशने में कठिनाई हो रही है। अंबिका के मुताबिक, वह इसलिए रिजेक्ट कर दी जाती है, क्योंकि लंबी नहीं है।
अंबिका का छोटा भाई टेलीफोन बूथ में करता है और बड़े भाई की पत्नी टेलर है। जैसे-तैसे सब गुजारा कर रहे हैं। राम राज कहते हैं, ‘यह विकार पुरुषों के लिए तो उतनी बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन बेटियों की चुनौती बड़ी है।’ उन्हें ब्याहना है। आनुवंशिकी का यह विकार राम राज के परिवार से आया है।
21 लोगों के उनके परिवार में 18 बौने थे। इनमें राम राज उनकी सात बहनें और तीन भाई बौने थे। कई तो अब गुजर भी चुके हैं। यह परिवार शारीरिक समस्याओं से भी जूझ रहा है। ज्यादातर के पैर कमजोर हैं। अंबिका के छोटे भाई को तो चलने के लिए सहारे की जरूरत पड़ती है। खास बात यह है कि राम राज की पत्नी की लंबाई सामान्य है, लेकिन उनका कोई बच्चा लंबा नहीं हुआ।