अच्छी बारिश व सरकार की तरफ से किए गए प्रयासों की बदौलत दशहरा से पहले दालों की खुदरा कीमतें 100 रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे आ जाएगी। दालों के थोक बाजार में तो अभी से दालों के भाव में अभी तेजी से गिरावट हो रही है।
पिछले एक महीने में दालों के थोक दाम में 20-25 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई है। अगले महीने से कर्नाटक, महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश जैसी जगहों से दाल की नई फसल की आवक शुरू हो जाएगी। ऐसे में दशहरा तक दाल के दाम में गिरावट का दौर जारी रहेगा।
दाल के थोक कारोबारियों के मुताबिक पिछले एक माह से दालों के भाव में रोजाना स्तर पर गिरावट हो रही है। एक माह पहले उड़द दाल के थोक भाव 115 रुपये रुपये प्रति किलोग्राम थे जो मंगलवार को 95 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गए। वहीं तुअर दाल की थोक कीमत लगभग एक महीना पहले 93 रुपये प्रति किलोग्राम थी जो घटकर 74 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई।
चने का भाव एक माह पहले 94 रुपये प्रति किलोग्राम था जो अब मात्र 78 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया है। कारोबारियों ने बताया कि अक्तूबर पहले सप्ताह तक चने की थोक कीमत 60 रुपये प्रति किलोग्राम, उड़द दाल की 65 रुपये तो तुअर के थोक भाव 62-65 रुपये प्रति किलो तक रह जाएंगे।
ऐसे में दालों की खुदरा कीमत हर हाल में 100 रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे आ जाएगी। थोक कारोबारियों के मुताबिक दाल के दाम में गिरावट के लिए मानसून के दौरान हो रही अच्छी बारिश के साथ सरकार की तरफ से प्रचुर मात्रा में दाल के आयात और सरकारी दुकानों पर सस्ते दाम में दाल की बिक्री भी जिम्मेदार है।
कारोबारियों का यह भी कहना है कि जो दाल सरकार की तरफ से केंद्रीय भंडार व अन्य सरकारी दुकानों में 120 रुपये प्रति किलोग्राम बेची जा रही हैं, उससे बेहतर दाल थोक बाजार में 105 रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर उपलब्ध है।
दूसरी तरफ केंद्र सरकार की अंतर-मंत्रालयी समिति ने खुदरा बाजार में दालों की कीमतों पर चिंता जताते हुए इस बात का फैसला लिया है कि दालों का अधिकतम खुदरा मूल्य तय किया जाए। कमेटी अपनी इस सिफारिश को सरकार के सामने रखेगी।