बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेल पटरियों के बाढ़ में डूब जाने से सेवाएं बंद होने पर रेलवे को लताड़ लगाई है। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की, "केंद्रीय और पश्चिमी रेलवे ने कुछ भी नहीं किया। कई सालों के बाद भी उपनगरीय रेलवे ट्रैक बारिश में डूबे हुए हैं। बाढ़ से बचने के लिए आप पटरियों की ऊंचाई क्यों नहीं बढ़ा सकते?"
बता दें कि मुंबई में बीते पांच दिनों से लगातार बारिश हो रही है। पूरे शहर में बाढ़ जैसे हालात हैं। भारी बारिश के चलते, जल-जमाव और बाधित रेल सेवाओं के कारण मुंबई डिब्बावालों ने मंगलवार को भी अपनी सेवाओं को निलंबित रखा। डीआरएम, वेस्टर्न रेलवे के मुताबिक भारी बारिश के कारण नालासोपारा में अप और डाउन लाइन पर सेवाएं रोक दी गई हैं। हालांकि, वेस्टर्न सबअर्बन पर लोकल ट्रेनें विरार से चर्चगेट के बीच 10 से 15 मिनट तक की देरी से चल रही हैं।
वहीं मौसम विभाग के मुताबिक 10 से 13 जुलाई के बीच ग्रेटर मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश के आसार हैं। विभाग का कहना है कि अगले पांच दिन और बारिश होने की संभावना है। मुंबई में सड़कों, पटरियों पर पानी भर जाने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं।
सोमवार को रेल पटरियों पर पानी जमा होने से कुछ उपनगरीय ट्रेनों की आवाजाही रोक देनी पड़ी और दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति नकारात्मक रही। पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि रेलगाड़ियां एक घंटे की देरी से रवाना हुईं। भारी बारिश से कुर्ला, सायन, माटुंगा, अंधेरी और धारावी, ठाणे, कल्याण, वसई, मीरा रोड, नालासोपारा और भिवंडी आदि इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। वसई में जलभराव से सोमवार को करीब 300 लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हुए।
एयरपोर्ट के एक अधिकारी के मुताबिक, काले और घने बादलों के कारण दृश्यता अच्छी नहीं थी। फिर भी विमानों की आवाजाही जारी रही। मौसम विभाग के मुताबिक, उड्डयन क्षेत्र के लिए अब तक कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
भारी बारिश जारी रहने का अनुमान
मौसम विभाग ने मुंबई में मंगलवार तक भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। कोलाबा वेधशाला में बीते 24 घंटे में 170.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह इस मौसम में 24 घंटे में दर्ज की गई सर्वाधिक बारिश है। विभाग ने दार्जिलिंग के पर्वतीय क्षेत्र और उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है।
उत्तर बंगाल में भी बाढ़ जैसे हालात
बीते एक हफ्ते से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण उत्तर बंगाल के ज्यादातर जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। जलपाईगुड़ी, मालदा एंव कूचबिहार जिलों के ज्यादातर इलाकों में पानी भर गया है। तमाम नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कूचबिहार का नक्काटीगाछ इलाका पानी में डूबा है। गांव के लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है।