नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने गिरफ्तार किए आरोपी पाकिस्तानी नागरिक सुबैर की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। अदालत ने मंगलवार को मादक पदार्थ की तस्करी मामले में उसे 27 मई तक न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। इससे पहले अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था। एनसीबी और भारतीय नौसेना ने अभियान के तहत सुबैर के पास से 25000 करोड़ रुपये का मादक पदार्थ जब्त किया था। एनसीबी और भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन 'समुद्रगुप्त' के तहत यह कार्रवाई की।
इस मामले में अभियुक्त का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता बी ए अलूर ने कहा कि एनसीबी ने 22 मई से पांच दिनों के लिए जुबैर डेराक्षशांदेह की हिरासत मांगी थी। एजेंसी द्वारा 16 मई को दायर की गई रिमांड रिपोर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तान के एक मादक पदार्थ तस्कर ने काम पूरा होने के बाद आरोपी को अच्छे पैसे देने की पेशकश की थी।
एजेंसी ने 15 मई को कहा था कि ड्रग्स का मूल्य अधिक हो गया था क्योंकि यह उच्च ग्रेड मेथामफेटामाइन है। जब्त की गई दवाएं 134 बोरियों में थीं। मेथामफेटामाइन को एक किलो के पैकेट में रखा गया था। उप महानिदेशक (ऑप्स) संजय कुमार सिंह ने कहा कि हिंद महासागर में ड्रग्स तस्करों के खिलाफ एक सफल ऑपरेशन किया। उन्होंने कहा, पकड़ी गई खेप भारत के अलावा श्रीलंका और मालदीव भेजी जानी थी। एनसीबी ने एक पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया है।
ऑपरेशन समुद्रगुप्त के तहत तस्करों पर कसी जा रही नकेल
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन पिछले साल फरवरी में शुरू किया गया था और टीम ने अभी तक लगभग 4000 किलोग्राम ड्रग्स जब्त की हैं। 'समुद्रगुप्त' नामक ऑपरेशन की प्रारंभिक सफलता फरवरी 2022 के महीने में हासिल की गई थी। उस दौरान एनसीबी और भारतीय नौसेना की एक संयुक्त टीम ने 529 किलोग्राम हशीश, 221 किलोग्राम मेथमफेटामाइन और 13 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी।