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Tripura: 'त्रिपुरा की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठा रहे ड्रग तस्कर', CM साहा ने नशा तस्करी के लिए इस देश को घेरा

Wed, 25 Jun 2025 11:55 AM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला

सार

मख्यमंत्री ने कहा कि त्रिपुरा तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा हुआ है। जबकि यह असम और मिजोरम के साथ अंतर-राज्यीय सीमाओं का एक छोटा सा हिस्सा साझा करता है। राज्य की भौगोलिक स्थिति के कार ड्रग माफिया राज्य को ड्रग तस्करी के लिए गलियारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने हमारे लड़के-लड़कियों को निशाना बनाया है।
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माणिक साहा - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा ने बुधवार को बढ़ती नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने का वादा दोहराया। साथ ही बांग्लादेश के इसमें शामिल होने की बात कही। उन्होंने कहा कि भौगोलिक स्थिति के कारण ड्रग तस्कर त्रिपुरा को अवैध तस्करी के लिए गलियारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा तीन ओर से बांग्लादेश से घिरा हुआ है। साथ ही हमारे राज्य की सीमा असम और मिजोरम से भी लगती है।
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मख्यमंत्री ने कहा कि त्रिपुरा तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा हुआ है। जबकि यह असम और मिजोरम के साथ अंतर-राज्यीय सीमाओं का एक छोटा सा हिस्सा साझा करता है। राज्य की भौगोलिक स्थिति के कार ड्रग माफिया राज्य को ड्रग तस्करी के लिए गलियारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने हमारे लड़के-लड़कियों को निशाना बनाया है।

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उन्होंने कहा कि राज्य के युवा नशे की समस्या के शिकार हो गए हैं और राज्य सरकार ने नशा करने वालों के पुनर्वास के लिए कदम उठाए हैं। हमने नशे की लत से ग्रस्त व्यक्तियों को ठीक करने के लिए राज्य के सभी आठ जिलों में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। प्रत्येक नशा मुक्ति केंद्र पर 20 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

सीएम ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने सिपाहीजाला जिले के बिश्रामगंज में एक विशेष नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने के लिए पहले ही 198 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं। सरकार निजी स्वामित्व वाले नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी के लिए नियम तैयार करने की प्रक्रिया में है।साहा ने कहा कि राज्य ने मादक पदार्थों की लत और अवैध तस्करी के खिलाफ लड़ने के लिए शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई है। कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस समस्या को रोकने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
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उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में मादक पदार्थों और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की जब्ती में लगभग 103 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जबकि इस अवधि के दौरान ऐसी वस्तुओं के विनाश में भी 132 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह दर्शाता है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। सीएम ने कहा कि हम स्कूली पाठ्यक्रम में यौन शिक्षा शुरू करने पर विचार कर रहे हैं ताकि छात्रों को नशीली दवाओं के निरंतर उपयोग के प्रभाव के बारे में जागरूक किया जा सके। रिपोर्टों से पता चलता है कि छात्रों का एक वर्ग नशीली दवाओं में लिप्त हो रहा है।

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