द्वारिका-शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने महाराष्ट्र में आए भीषण सूखे के लिए साईं पूजा को जिम्मेदार बताया है। उनका कहना है कि महाराष्ट्र के लोग साईं बाबा की पूजा करते हैं और यह सूखा उसी की देन है।
एक दिन की यात्रा पर हरिद्वार पहुंचे शंकराचार्य ने कहा, 'साईं एक फकीर थे और एक भगवान के तौर पर उनकी पूजा करना पूरी तरह से अशुभ है।' उन्होंने कहा सूखे जैसी आपदा का प्रभाव वहीं पर ज्यादा है जहां के लोग अयोग्य लोगों की पूजा करते हैं। ऐसे जगहों पर ही सूखे, प्राकृतिक आपदाओं और लोगों की मौत होती है। महाराष्ट्र भी उनमें से एक है।
ऐसा पहली बार नहीं है जब शंकराचार्य ने साईं को लेकर ऐसे विवादित बयान दिए हों। वह पहले भी साईं पूजा को मान्यता देने का विरोध करते रहे हैं। साल 2014 में उन्होंने साईं पूजा का विरोध करने के लिए एक धर्म संसद का भी आयोजन किया था जहां सर्वसम्मति के साईं पूजा का बहिष्कार करने का ऐलान किया गया था।