जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों पर किए गए आतंकी हमले में हमलावर पुलिस की वर्दी में आए थे। हमले में 7 यात्रियों की मौत हो गई जबकि 30 से ज्यादा घायल हो गए थे।
हमले के दौरान बस में मौजूद भाग्यमानी ठाकुर ने बताया कि हमलावर वर्दी में थे, वह लगातार फायरिंग कर रहे थे। हम लगातार हो रही फायरिंग में बस के शीशे टूटने की आवाज सुन रहे थे। मैंने पांच आतंकियो को देखा दो आतंकी बाइक पर सवार थे। उनके वर्दी में होने के वजह से हम हैरान थे कि पुलिस हम पर गोलियां क्यों बरसा रही है।'
गुजरात के वडोली गांव के 57 वर्षीय रमेश पटेल ने बताया कि 'उस दौरान बस में मौजूद सभी तीर्थयात्रियों ने ओम नमः शिवाय बोलकर एक दूसरा का हौंसला बढ़ाया और बस के बेखौफ ड्राइवर ने बहादूरी के साथ बस को आतंकियों के गिरफ्त से निकाल लिया।'
गौरतलब है कि यह हमला तब हुआ जब बस बालटाल से मीर बाजार की तरफ जा रही थी। इसी दौरान आतंकियों ने बस को टारेगट किया जिसमें 7 यात्रियों की मौत हो गई जबकि 30 से ज्यादा घायल हो गए थे। वहीं आतंकियों ने इससे पहले पुलिस काफिले को भी निशाना बनाया था।