देश की प्रमुख रक्षा उपक्रम, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन(डीआरडीओ) ने कोरोना महामारी के उपचार में जुटे डॉक्टरों तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए जरूरी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण(पीपीई) को समय पर और तेजी से उपलब्ध कराने के लिए अपने जांच केंद्र को ग्वालियर से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया है।
डीआरडीओ ने आज कहा कि पीपीई किट की तेजी से उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उसने ग्वालियर स्थित अपने जांच केंद्र(डीआरडीई) को दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट आॉफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंस(इनमास) में स्थानांतरित कर दिया है। इस केंद्र को पीपीई की जांच के लिए पूरी तरह तैयार कर दिया गया है और 10 बैच से भी अधिक वस्तुओं की इस प्रयोगशाला में जांच भी की जा चुकी है।
इनमास बॉडी सूट और मास्क के परीक्षण और मूल्यांकन के लिए भी यह पूरी तरह उपयुक्त है। मंत्रालय के अनुसार इन वस्तुओं के 50 से अधिक बैचों को पहले ही इस प्रयोगशाला में परीक्षण किया जा चुका है।
बता दें कि डीआरडीई(ग्वालियर) जैविक और रासायनिक एजेंटों के खिलाफ पहचान और संरक्षण प्रौद्योगिकियों को विकसित करने में माहिर है। बयान में कहा गया है कि ग्वालियर प्रयोगशाला अब सिर्फ एचएलएल हेल्थकेयर लिमिटेड को विदेशों से प्राप्त मास्क का परीक्षण करेगी।
डीआरडीओ की परीक्षण प्रक्रियाओं से परिचित एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पीपीई किट पर परीक्षण आयोजित करना एक चुनौती भरा काम है और इसमें त्रुटि के लिए कोई जगह नहीं हो सकती है क्योंकि यह स्वास्थ्यकर्मी की सुरक्षा के बारे में है।