मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कंटेनर का प्रारंभिक परीक्षण 27 अप्रैल को गोवा के तट पर किया गया। बयान के मुताबिक, नौसेना की रसद परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए परीक्षण किया गया।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय नौसेना ने 150 किलोग्राम वजन ले जाने में सक्षम हवा से गिराए जाने वाले एक कंटेनर का सफल परीक्षण किया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार कंटेनर को आईएल 38एसडी विमान से गिराया गया।
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मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कंटेनर का प्रारंभिक परीक्षण 27 अप्रैल को गोवा के तट पर किया गया। बयान के मुताबिक, नौसेना की रसद परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए परीक्षण किया गया। इसका मकसद तट से 2,000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर तैनात जहाजों को तत्काल जरूरी इंजीनियरिंग सामग्री प्रदान करना है। इससे जहाजों के लिए पुर्जे और अन्य सामान एकत्र करने के लिए कट के करीब आने की जरूरत कम हो जाएगी।
डीआरडीओ की तीन प्रयोगशालाओं-नवल साइंस एंड टेक्नोलॉजी लैबोरेटरी (एनएसटीएल), विशाखापत्तनम, एरियल डिलिवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टैब्लिशमेंट (एडीआरडीई), आगरा और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट इस्टैब्लिशमेंट (एडीई), बंगलूरू ने मिलकर ये कंटेनर विकसित किया है।