डॉ. एस जयशंकर
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विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने मंगलवार को इंडो पैसिफिक समिट को संबोधित करते हुए कहा कि भारत कोरोना की दूसरी लहर से बाहर आ रहा है और आने वाले समय में एक मजबूत आर्थिक सुधार का गवाह बनेगा। यह एक अधिक गतिशील और मित्रवत व्यावसायिक गंतव्य होगा। उन्होंने कहा कि हम वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास के इंजन बने रहेंगे।
उन्होंने कहा कि इंडो-पैसिफिक वैश्वीकरण की वास्तविकता और बहुध्रुवीयता के उद्भव के लाभों को दर्शाता है। इसका मकसद शीत युद्ध पर काबू पाना और प्रभुत्वता को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत व्यापार शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि क्षेत्र के समान विचार वाले देशों की व्यापक नीति समृद्धि को बढ़ावा देने और वैश्विक वाणिज्य की दिशा में सामूहिक हित की अभिव्यक्ति है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में बैंकॉक में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में आईपीओआई के गठन का प्रस्ताव दिया था, ताकि समुद्री क्षेत्र का संरक्षण किया जा सके और उसका सतत इस्तेमाल किया जा सके और सुरक्षित समुद्री क्षेत्र बनाने का सार्थक प्रयास हो सके।