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JNU: जेएनयू की लाल दीवार पर संकट, एबीवीपी के हाथ रहेगी सत्ता की चाबी

Sun, 27 Apr 2025 07:10 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एबीवीपी को जेएनयू के कुल 42 काउंसलर पदों में से 23 पर निर्णायक जीत मिली है। आधे से अधिक काउंसलर पदों पर जीत का आशय है कि एबीवीपी की सहमति के बिना जेएनयू छात्र संघ कोई निर्णय नहीं कर पाएगा।
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जेएनयू छात्रसंघ चुनाव - फोटो : एएनयू
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विस्तार
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देश के प्रसिद्ध जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने करिश्मा कर दिखाया है। संगठन को जेएनयू के कुल 42 काउंसलर पदों में से 23 पर निर्णायक जीत मिली है। आधे से अधिक काउंसलर पदों पर जीत का आशय है कि एबीवीपी की सहमति के बिना जेएनयू छात्र संघ कोई निर्णय नहीं कर पाएगा। कोई भी प्रशासनिक निर्णय एबीवीपी पदाधिकारियों की सहमति के बाद ही लिया जा सकेगा। हालांकि, अध्यक्ष सहित चारों प्रमुख पदों पर कौन जीता, इस पर छात्रों का अंतिम निर्णय रविवार देर रात तक ही सामने आ सकेगा।     
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अब तक की हुई मतगणना में एबीवीपी ने 42 में से 23 काउंसलर पदों पर जीत हासिल कर ली है। सोशल साइंस डिवीजन को लेफ्ट संगठनों का कोर एरिया माना जाता था, लेकिन इस सेक्शन में भी एबीवीपी ने दो सीटों पर जीत हासिल कर लेफ्ट लॉबी में सेंध लगाने में सफलता हासिल कर ली है। सोशल साइंस सेक्टर में दो सीटों पर जीत इस अर्थ में महत्त्वपूर्ण है कि एबीवीपी को 25 साल बाद सोशल साइंस में जीत मिली है। इस जीत से एबीवीपी खेमा उत्साहित है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ चुनाव में विश्वविद्यालय के 16 स्कूलों और विभिन्न संयुक्त केंद्रों में जीत हासिल की है। एबीवीपी के केंद्रीय पैनल की चारों प्रमुख दावेदार भी अब तक बढ़त बनाए हुए हैं। अध्यक्ष पद पर शिखा स्वराज, उपाध्यक्ष पद पर निट्टू गौतम, महासचिव पर कुणाल राय और संयुक्त सचिव पद के लिए वैभव मीणा बढ़त बनाए हुए हैं। इससे भगवा खेमा उत्साहित है। 
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फैसलों में अब अभाविप की अहम जगह- राजेश्वर कांत दुबे
एबीवीपी जेएनयू के इकाई अध्यक्ष राजेश्वर कांत दुबे ने कहा कि जेएनयूएसयू काउंसिल में 42 में से 23 सीटों पर विजय प्राप्त कर काउंसिल में पचास प्रतिशत से अधिक की उपस्थिति पर कब्जा कर इतिहास रच दिया है। इससे जेएनयूएसयू द्वारा किए जाने वाले फैसलों में अब अभाविप की अहम जगह प्राप्त हो सकेगी जो वामपंथ के गढ़ में बड़ी सेंध की तरह काम करेगा। 

युवाओं की सोच में बड़े बदलाव का प्रमाण- अंबुज मिश्रा 
एबीवीपी नेता अंबुज मिश्रा ने अमर उजाला से कहा कि जेएनयू में मिल रही यह जीत देश के युवाओं में राष्ट्रवादी विचारों की स्वीकार्यता का प्रमाण है। देश का युवा हमेशा से देश के मुद्दों पर बढ़चढ़कर प्रतिक्रिया देता रहा है, देश-दुनिया की परिस्थितियों को देखते हुए वह एक बार फिर बड़े बदलाव की पृष्ठभूमि तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें  इस बात की उम्मीद है कि जिस तरह काउंसलर पदों पर एबीवीपी ने जीत हासिल की है, अंतिम चुनाव परिणामों में भी उनकी शानदार जीत होगी।  
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