Dombivli Factory Blast: हेमा कहती हैं कि वह अभी भी अपने पति की तलाश कर रही हैं। वह याद करते हुए कहती हैं, मैंने आखिरी बार जब उनसे फोन पर बात की थी तो उन्होंने पूछा था कि क्या उन्होंने और उनके बच्चों ने दोपहर का खाना खाया था।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली में एक केमिकल फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट में लापता होने से पहले भरत जायसवाल ने 23 मई को आखिरी बार अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी। इस दौरान उन्होंने पूछा था कि क्या उनके बच्चों ने दोपहर का भोजन किया था। जायसवाल की पत्नी हेमा को शनिवार को घटनास्थल पर मलबे से उनका पैन कार्ड मिला।
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जायसवाल की तरह ही फैक्टरी में काम कर रहे अन्य लोगों के परिजनों का मानना है कि वे लापता हैं। आधिकारिक दौर पर एमआईडीसी इलाके में केमिकल यूनिट में रिएक्टर विस्फोट में 10 लोगों की मौत हुई और 60 से ज्यादा घायल हुए। विस्फोट से पास के कारखानों और कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचा। अब तक केवल तीन शवों की पहचान की गई है। अन्य शवों की पहचान करना मुश्किल है, इसलिए अधिकारियों ने अज्ञात शवों की पहचान के लिए डीएनए प्रोफाइलिंग का फैसला किया है।
हेमा कहती हैं कि वह अभी भी अपने पति की तलाश कर रही हैं। वह याद करते हुए कहती हैं, मैंने आखिरी बार जब उनसे फोन पर बात की थी तो उन्होंने पूछा था कि क्या उन्होंने और उनके बच्चों ने दोपहर का खाना खाया था। पास की फैक्टरी में काम करने वाली हेमा ने कहा कि उन्होंने एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी और अपने पति को फोन पर फोन करने की कोशिश की, लेकिन उसने संपर्क न हो सका।
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उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता था कि मेरे पति उसी कंपनी में काम कर रहे हैं, जिसे उन्होंने इस साल अप्रैल में ज्वाइन किया था। विस्फोट के बाद हम कंपनी की ओर भागे। लेकिन पुलिस ने हमें घटनास्थल के पास नहीं जाने दिया और हमें वहां से भगा दिया। बाद में उन्हें अस्पतालों और अन्य स्थानों पर जांच करने के लिए कहा गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। हेमा ने रोते हुए कहा कि उसने अपने बच्चों को मायके छोड़ा हुआ था और उसके पति को एक शादी में शामिल होने और उन्हें वापस लाने के लिए 30 मई को वहां जाना था।
एक अन्य परिजन ने कहा, हम अधिकारियों और पुलिस से संपर्क कर रहे हैं। लेकिन हमें केवल खोखले आश्वासन मिल रहे हैं। लापता व्यक्ति की तलाश जारी है। बचाव दल को शवों के लगभग 25 अलग-अलग हिस्से मिले हैं, जिन्हें डीएनए परीक्षण के लिए भेजा गया है। जिसके बाद मृतकों की सही संख्या का पता चल पाएगा। पुलिस ने घटना के बाद फैक्टरी के मालिक मलय मेहता को गिरफ्तार कर लिया था। महाराष्ट्र सरकार ने विस्फोट के कारणों और परिस्थितियों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति की गठन किया है।