डोकलाम को लेकर भारत और चीन के बीच करीब तीन महीनों से जारी गतिरोध के बीच भारतीय सरकार ने एक काफी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डोकलाम विवाद पर चीन से निपटने के लिए भारत ने सीमा पर तैयारी तेज कर दी है. सरकार ने बीआरओ की पॉवर बढ़ाते हुए पिछले काफी समय से भारत-चीन सीमा पर बंद सड़क निर्माण को फिर शुरू करने की अनुमति दे दी है।
काम जल्द से जल्द शुरू करने के आदेश
डोकलाम विवाद के बीच भारत सरकार ने बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की पावर बढ़ाते हुए इंडो-चीन बॉर्डर पर 3,409 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का काम जल्द से जल्द शुरू करने के आदेश दे दिए हैं। सरकार ने यह आदेश सीएजी की रिपोर्ट के बाद जारी किया।
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लंबे समय से अटके हुए हैं 61 प्रोजेक्ट
दरअसल, सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इंडो-चीन बॉर्डर से सटे 61 प्रोजेक्ट लंबे समय से अटके हुए हैं। इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने बीआरओ की फाइनेंशियल और एडमिनिस्ट्रेटिव पावर बढ़ाते हुए इन इलाकों में जल्द से काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं ताकि तय समय पर सेना की जरूरतों को पूरा किया जा सके। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि कंस्ट्रक्शन मशीन के लिए बीआरओ की फाइनेंशियल अप्रूवल की पावर 100 करोड़ तक कर दी गई है।
ऐसे इलाकों को सड़कों से जोड़ने का काम
बीआरओ इंडो-चीन बॉर्डर पर ऐसे इलाकों को सड़कों से जोड़ने का काम कर रहा है, जहां पहुंचना मुश्किल है। आपको बता दें कि सिक्किम सेक्टर में डोकलाम के पास चीन एक सड़क बनाना चाहता है। भारत और भूटान इसका विरोध कर रहे हैं। करीब 3 महीने से इस इलाके में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं।