फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dog Bite Case: कुत्ते के काटने के तीन महीने बाद युवक में दिखे रेबीज के खतरनाक लक्षण, डॉक्टर बोले- हालत नाजुक

Sat, 31 Jan 2026 09:12 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

गुजरात के बनासकांठा में कुत्ते के काटने के तीन महीने बाद एक युवक में रेबीज के गंभीर लक्षण सामने आए हैं। उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है और हालत नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, एंटी-रेबीज टीका न लेने से स्थिति बिगड़ी। मरीज को आइसोलेशन वार्ड में रखकर इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन
कुत्ते का काटना - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गुजरात के बनासकांठा जिले से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां कुत्ते के काटने के करीब तीन महीने बाद एक 27 वर्षीय युवक में रेबीज के गंभीर लक्षण दिखाई दिए। हालत बिगड़ने पर उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि लक्षण सामने आने के बाद बचने की संभावना बहुत कम होती है, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है।

विज्ञापन


अधिकारियों के अनुसार, देवा डुंगरी नाम का युवक पालणपुर के नरसाल गांव में मजदूरी करता था। शनिवार तड़के करीब 3 बजे उसे बनास मेडिकल कॉलेज और जनरल अस्पताल लाया गया। अस्पताल के डॉक्टर डॉ. सुनील जोशी ने बताया कि मरीज में रेबीज के तीव्र लक्षण दिख रहे हैं और उसकी हालत नाजुक है। इलाज जारी है, लेकिन स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।

ये भी पढ़ें- घट गई पवार पावर: सुनेत्रा डिप्टी सीएम, पर 'दादा' जितनी ताकत नहीं; इस मंत्रालय को फडणवीस ने रख लिया अपने पास
विज्ञापन


असामान्य हरकतों से गांव में दहशत
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, युवक का व्यवहार अचानक असामान्य हो गया था। वह अनियंत्रित आवाजें निकाल रहा था और उसकी गतिविधियां सामान्य नहीं थीं। ग्रामीणों ने किसी तरह उसे काबू में किया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों का कहना है कि आम लोग इस तरह के व्यवहार को जानवर जैसा मान सकते हैं, लेकिन यह बीमारी के गंभीर असर का संकेत होता है।

आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट
अस्पताल में भर्ती होने के बाद मरीज के लक्षण और बढ़ गए तथा वह आक्रामक हो गया। इसके बाद उसे अलग वार्ड में रखा गया। डॉक्टरों के अनुसार, उसने खिड़की की लोहे की सलाखों को काटने की कोशिश भी की। हालात नियंत्रित करने के लिए अस्पताल ने पुलिस और वन विभाग से मदद मांगी। मरीज को जाल और तार से सुरक्षित बांधकर इंजेक्शन के जरिए बेहोश किया गया, ताकि इलाज किया जा सके।

ये भी पढ़ें- गुजरात की झांकी को मिला ‘पॉपुलर चॉइस’ में प्रथम स्थान का राष्ट्रीय पुरस्कार, चार वर्ष में मिले 5 पुरस्कार
विज्ञापन


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
मरीज के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और बीमारी को लेकर जागरूक रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और मरीज को जरूरी उपचार दिया जा रहा है।

एंटी-रेबीज टीका न लेने से बढ़ा खतरा
डॉक्टरों ने बताया कि युवक को करीब तीन महीने पहले कुत्ते ने काटा था, लेकिन उसने एंटी-रेबीज टीका नहीं लगवाया। यही लापरवाही बीमारी के फैलने का कारण बनी। चिकित्सकों के अनुसार, रेबीज एक घातक वायरल बीमारी है, जो दिमाग और तंत्रिका तंत्र पर हमला करती है। एक बार इसके क्लिनिकल लक्षण दिखने लगें, तो यह लगभग हमेशा जानलेवा साबित होती है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत टीकाकरण कराना जरूरी है।


अन्य वीडियो-

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें