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Kolkata Rape Case: स्वास्थ्य भवन में डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी, कहा- वे एसी कमरे में बैठे-बैठे हताश और हम...

Thu, 12 Sep 2024 09:29 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

अस्पताल के सेमिनार कक्ष में नौ अगस्त को प्रशिक्षु डॉक्टर का शव मिलने के बाद से घटना के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शन हो रहे हैं। टीएमसी सरकार और पश्चिम बंगाल पुलिस कठघरे में है।
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जूनियर डॉक्टर विरोध प्रदर्शन करते हुए - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में प्रशिक्षु महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले को आज पूरा एक महीना बीत गया है। मगर, राज्य सरकार, पुलिस और सीबीआई के हाथ अभी भी खाली है। इससे देशभर में नाराजगी है। वहीं राज्य में हंगामा जारी है। तनाव भरे हालात बने हुए है। जूनियर डॉक्टर लगातार आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के स्वास्थ्य भवन में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। वह दिन-रात कुछ भी नहीं देख रहे हैं। 

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यह है मामला
गौरतलब है, अस्पताल के सेमिनार कक्ष में नौ अगस्त को प्रशिक्षु डॉक्टर का शव मिलने के बाद से घटना के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शन हो रहे हैं। पुलिस ने इस सिलसिले में कोलकाता पुलिस के नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को गिरफ्तार किया था। टीएमसी सरकार और पश्चिम बंगाल पुलिस कठघरे में है। सुप्रीम कोर्ट से लगातार फटकार लग रही है। तनाव बढ़ता देख कलकत्ता हाईकोर्ट ने 13 अगस्त को जांच सीबीआई को सौंप दी थी। इससे पहले कोलकाता पुलिस मामले की जांच कर रही थी। 



'सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों से काम पर वापस जाने को कहा'
वहीं, घटना के बाद देशभर के डॉक्टर सड़कों पर उतर आए थे। इससे मरीजों को दिक्कत होने लगी। इस पर नौ सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सभी डॉक्टरों से 10 सितंबर को शाम पांच बजे तक काम पर लौटने का आग्रह किया था। शीर्ष अदालत ने चेतावनी दी थी कि अगर काम से लगातार गायब रहे, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। 
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फिर भी डटे हुए हैं डॉक्टरों
हालांकि, फिर भी डॉक्टर पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। कोलकाता के साल्ट लेक इलाके के स्वास्थ्य भवन से सुबह की तस्वीरें सामने आई हैं। देखा जा सकता है जूनियर डॉक्टरों लगातार घटना के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं। वह न्याय की मांग कर रहे हैं। 



वे एसी कमरे में बैठे-बैठे निराश...
जूनियर डॉक्टरों के विरोध जारी रखने पर डॉ. अर्नब मुखोपाध्याय ने कहा, 'हमने देखा है कि राज्य सरकार द्वारा एक सार्वजनिक बैठक आयोजित की गई थी। स्वास्थ्य राज्य मंत्री (पश्चिम बंगाल) चंद्रिमा भट्टाचार्य वहां मौजूद थे। उन्होंने कुछ बातें कही - जिसमें यह भी शामिल था कि वे हमारे साथ खुले दिल से चर्चा करना चाहते हैं। हम भी इसका इंतजार कर रहे हैं। यह बेहतर होगा और हमने मांग की है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए चर्चा का सीधा प्रसारण किया जाए। उनका कहना है कि वह हताश हैं, जबकि मैं कहना चाहता हूं कि वे एसी कमरे में बैठे-बैठे हताश हैं, जबकि हम यहां रास्ते में बैठकर हताश हैं। हमारे पास चर्चा के सभी माध्यम खुले हैं, लेकिन हमारी शर्तें अनुचित नहीं हैं... हम अपना विरोध जारी रखेंगे।'

दोषियों को मौत की सजा दी जाएगी: टीएमसी नेता कुणाल घोष
जूनियर डॉक्टरों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने कहा कि न्याय की मांग जायज है। हम चाहते हैं कि सीबीआई अपनी जांच पूरी करे और दोषियों को मौत की सजा दी जाएगी।



उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि सीबीआई अपनी जांच पूरी करे और दोषियों को मौत की सजा दी जाएगी। हम जूनियर डॉक्टरों द्वारा किए जा रहे आंदोलन पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। कल काम फिर से शुरू करने के लिए शाम पांच बजे तक की समय सीमा थी। मुख्यमंत्री उनका इंतजार कर रहे थे। हम न्याय की मांग का समर्थन भी कर रहे हैं, लेकिन कई मरीजों को परेशान किया जा रहा है। हम चाहते हैं कि सीबीआई जल्द से जल्द जांच करे।'
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इससे पहले कोलकाता में पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल ने न्याय की मांग को लेकर रैली निकाली थी।

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