मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने सोमवार को कहा है कि चुनाव आयोग को लोकसभा, विधानसभा और अन्य निकायों के चुनाव एक साथ कराने में कोई ऐतराज नहीं है। लेकिन इसके लिए संविधान में कुछ संशोधन करने होंगे और ईवीएम समेत अन्य संसाधन पर्याप्त मात्रा में मुहैया कराने होंगे।
इंदौर में एक कार्यक्रम में रावत ने कहा, सरकार ने चुनाव एक साथ कराए जाने को लेकर वर्ष 2015 में आयोग से राय मांगी थी, जिस पर दिए जवाब में आयोग ने कहा था कि एक साथ चुनाव के लिए संविधान के संबंधित अनुच्छेदों के साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (1950) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (1951) की धाराओं में संशोधन करने होंगे।
इसके अलावा पर्याप्त संख्या में ईवीएम और अन्य संसाधनों की जरूरत होगी। ये जरूरतें पूरी होने पर एक साथ चुनाव कराने में आयोग को कोई दिक्कत नहीं है। लोकसभा, विधानसभा और निकायों के चुनाव साथ होंगे तो साफ है कि ज्यादा ईवीएम की जरूरत होगी।