कृत्रिम बुद्धिमत्ता का नकारात्मक असर नहीं होगा: अनुराग ठाकुर
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने अपने प्रमुख उद्बोधन में कहा कि आज के तकनीकी युग में फर्जी समाचारों से बचने की आवश्यकता है। ऐसी खबरों से समाचार जगत की विश्वसनीयता कमजोर होती है। इससे हर हाल में बचा जाना चाहिए। नई तकनीक आने पर कुछ लोगों को अपने भविष्य को लेकर चिंता होती है, लेकिन अब तक के अनुभव बताते हैं कि नई तकनीक आने से काम में सुधार ही आता है। टीवी के आने के बाद भी समाचार पत्रों का महत्व बना हुआ है। इसी प्रकार डिजिटल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के आने से भी कोई नकारात्मक असर नहीं होगा। इस समय देश में बहुत कुछ अच्छा हो रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्ट कार्य हो रहे हैं। देश के मीडिया को इन कार्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
कंपनियों को डेटा इस्तेमाल कर उसे हटाना होगा: चंद्रशेखर
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि हमारी सरकार इंटरनेट को एक सुरक्षित जगह बनाना चाहती है ताकि किसी भी प्रकार के अपराध से बचा जा सके। जो इंटरनेट प्लेटफॉर्म लोगों का डेटा उपयोग करना चाहते हैं, वे डेटा तो ले सकेंगे, लेकिन इस्तेमाल करने के बाद उन्हें उसे खत्म भी करना होगा। जो प्लेटफॉर्म डेटा नहीं हटाएंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। हम भारत में सुरक्षित कृत्रिम बुद्धिमत्ता चाहते हैं। सरकार चाहती है कि इंटरनेट सभी के लिए खुला हो। इंटरनेट पर किसी एक का एकछत्र राज न हो। हमारी सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये का बजट प्रौद्योगिकी क्षेत्र में शोध और नवाचार के लिए रखा है ताकि नई प्रतिभा को आगे लाया जा सके।
केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि हमारी सरकार इंटरनेट को एक सुरक्षित जगह बनाना चाहती है ताकि किसी भी प्रकार के अपराध से बचा जा सके। जो इंटरनेट प्लेटफॉर्म लोगों का डेटा उपयोग करना चाहते हैं, वे डेटा तो ले सकेंगे, लेकिन इस्तेमाल करने के बाद उन्हें उसे खत्म भी करना होगा। जो प्लेटफॉर्म डेटा नहीं हटाएंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। हम भारत में सुरक्षित कृत्रिम बुद्धिमत्ता चाहते हैं। सरकार चाहती है कि इंटरनेट सभी के लिए खुला हो। इंटरनेट पर किसी एक का एकछत्र राज न हो। हमारी सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये का बजट प्रौद्योगिकी क्षेत्र में शोध और नवाचार के लिए रखा है ताकि नई प्रतिभा को आगे लाया जा सके।
'प्रामाणिक समाचार को बढ़ावा देना डीएनपीए का उद्देश्य'
डीएनपीए के चेयरमैन और अमर उजाला के प्रबंध निदेशक तन्मय माहेश्वरी ने सम्मेलन की शुरुआत करते हुए कहा कि इस संगठन को बनाने का सिर्फ एक ही मकसद है- डिजिटल न्यूज ईकोसिस्टम को बढ़ावा दिया जाए। इसकी मदद से प्रामाणिक समाचार की संस्कृति को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही फेक न्यूज को रोका जाए। हमने यह सुनिश्चित किया कि लोगों तक अच्छा कंटेंट पहुंचे, चाहे वह टेक्स्ट फॉर्म में हो, ऑडियो में हो या वीडियो फॉर्मेट में हो। डीएनपीए परिवार का अहम हिस्सा होने के नाते हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि अपने नैतिक मूल्यों से हम कभी समझौता नहीं करेंगे। आज इंटरनेट पर आधे से ज्यादा जानकारी जानकारी गलत है। सोचिए अगर कोई युवा किसी भी जानकारी के लिए इंटरनेट पर जा रहा है और वहां वह गलत जानकारी के जाल में फंस जाए तो क्या होगा? हम सभी मिलकर ऐसा काम करेंगे, जो सच्चाई के रास्ते पर लेकर जाए।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण समाचार जगत को खतरा नहीं: कृष्णन
केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि हमें नहीं लगता कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण रिपोर्टिंग या समाचार जगत को कोई खतरा है, बल्कि इसका सही उपयोग करके डिजिटल समाचार की गुणवत्ता को बढ़ाया जा सकता है। इसके पहले भी कई तकनीकी क्रांतियां हुई हैं और उस समय भी इनके असर को लेकर लोगों ने चिंता व्यस्त की थी, लेकिन अनुभव बताता है कि इनसे कामकाज की गुणवत्ता में लगातार सुधार हुआ है।
'कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बावजूद प्रतिभा की अहमियत बनी रहेगी'
'आज के समय में पत्रकारिता' विषय पर नलिन मेहता और प्रसाद सान्याल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के आने से संवाददाताओं के कामकाज का तरीका आसान हो जाएगा। एआई की मदद से वे पहले से बेहतर और ज्यादा काम कर पाएंगे। हालांकि, रिपोर्ताज लिखने की उनकी प्रतिभा की अहमियत बनी रहेगी।