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Tamil Nadu: 'किसी के धर्म के रास्ते में नहीं आती DMK सरकार', जानें ऐसा क्यों बोले सनातन विवाद में उलझे उदयनिधि

Sun, 25 Aug 2024 08:39 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

Tamil Nadu: तमिलनाडु के मंत्री उदनिधि स्टालिन ने कहा कि राज्य की द्रमुक सरकार किसी की धार्मिक आस्था में दखल नहीं देती है और सभी की भावनाओं का सम्मान करती है।
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उदयनिधि स्टालिन - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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तमिलनाडु सरकार के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने रविवार को पिछले तीन वर्षों में राज्य की द्रमुक सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न पहलों की जानकारी दी। इनमें मंदिर की जमीन को फिर हासिल करना भी शामिल है। उन्होने कहा कि उनकी पार्टी का शासन हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग (एचआरएंडसीई) के लिए स्वर्ण काल है। 

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मंत्री उदयनिधि ने आज दिंडुगल जिले के पलानी में आयोजित 'अनाईथुलगा मुत्थमिज मुरुगन मुनाडू' धार्मिक सम्मेलन को डिजिटली संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि द्रमुक सरकार किसी की धार्मिक आस्था में दखल नहीं देती है और सभी की भावनाओं का सम्मान करती है। सम्मेलन राज्य के एचआरएंडसीई विभाग की ओर से आयोजित किया गया था। पलानी भगवान मुरुगन के छह पवित्र निवास स्थानों में से एक है। 



उदयनिधि स्टालिन ने कहा, द्रमुक का शासन एचआरएंडसीई विभाग के लिए स्वर्णकाल है। यह कानून पार्टी के शासनकाल में बना था। जिसकी शुरुआत द्रमुक ने की थी और पूजा का अधिकार सुनिश्चित किया गया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन 2021 में द्रमुक के सत्ता में आने के बाद से एचआरएंडसीई विभाग के जरिए कई पहलों को चला रहे हैं। उदयनिधि ने कहा कि इनमें से करीब 1400 मंदिरों का प्रतिष्ठापन, 6000 एकड़ मंदिर की जमीन की पुन: प्राप्ति और राज्य भर में हर दिन एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं को भोजन कराना शामिल है। 
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मंत्री ने कहा, द्रविड़म शब्द का मतलब है कि सबके लिए सब कुछ। यह किसी को भी नजरअंदाज नहीं करता, बल्कि सभी को एकजुट करता है। मंदिरों में सभी जातियों के पुजारियों की नियुक्ति इसका सबसे अच्छा उदाहरण है। उन्होंने आगे कहा, एम.के. स्टालिन की अगुवाई वाली द्रविड़ मॉडल सरकार ने पिछले तीन वर्षों में कई उपलब्धियों के बाद ही एचआरएंडसीई विभाग में सम्मेलन आयोजित किए हैं। 

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