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Tamil Nadu: DMK की CEC से मांग- PM मोदी के रोडशो में बच्चों के आने की हो जांच, सीतारमण पर भी करें कार्रवाई

Tue, 19 Mar 2024 09:52 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

Tamil Nadu: द्रमुक ने मंगलवार को मांग की चुनाव आयोग कोयंबटूर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोडशो में भाजपा द्वारा बच्चों का इस्तेमाल किए जाने की जांच कराए। सत्तारूढ़ दल ने नफरती भाषण देने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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पीएम नरेंद्र मोदी। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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तमिलनाडु में द्रमुक ने मंगलवार को मांग की चुनाव आयोग कोयंबटूर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोडशो में भाजपा द्वारा बच्चों का इस्तेमाल किए जाने की जांच कराए। सत्तारूढ़ दल ने नफरती भाषण देने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

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वहीं, कोयंबटूर के जिलाधिकारी क्रांति कुमार पति ने कहा कि प्रशासन मोदी के रोडशो के दौरान स्कूली बच्चों का इस्तेमाल किए जाने की घटना की जांच कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि मुख्य शिक्षा अधिकारी और श्रम विभाग के आयुक्त से भी रिपोर्ट मांगी गई है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी सत्यब्रत साहू को यहां दी गई याचिका में द्रमुक के संगठन सचिव आरएस भारती ने कहा कि रानजीतिक अभियान के लिए बच्चों का इस्तेमाल करने के लिए भाजपा के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को बाल श्रम से बचाने और चुनाव संबंधी कार्यों और अभियानों में उनकी भागीदारी को रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। 
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भारती ने कहा, 12 से 15 साल के बच्चों को चुनाव प्रचार की गतिविधियों में लगाया जाता है और उन्हें भाजपा प्रतीक चिह्न वाले कपड़े पहनाए जाते हैं।उन्होंने याचिका में कहा कि 18 मार्च को रोडशो के दौरान भाजपा द्वारा आयोजित संगीत कार्यक्रम में बच्चों कविताएं सुनाने और गीत गाने के लिए कहा गया। 

उन्होंने याचिका में कार्यक्रम की वीडियो क्लिप की पुष्टि करते हुए कहा, भाजपा का यह कृत्य 5 फरवरी 2024 की चुनाव आयोग की अधिसूचना के खिलाफ है। अधिसूचना में राजनीतिक दलों को चुनाव अभियानों, रैलियों आदि के लिए किसी भी उम्र के बच्चों के इस्तेमाल को रोकने को कहा गया है और यह बाल श्रम एवं निषेध अधिनियम का सीधा उल्लंघन भी है। 

एक अलग याचिका में उन्होंने 16 मार्च को एक स्थानीय टीवी चैनल की वर्षगांठ पर यहां बोलते हुए कथित तौर पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने और नफरती भाषण के लिए सीतारमण के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भारती ने तर्क दिया कि सीतारमण ने द्रमुक और उसके नेता की प्रतिष्ठा को कम करने के लिए नफरत भरे और अपमानजनक बयान दिए।

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