पूर्वोत्तर राज्य स्थित नागा समुदाय पर अभद्र टिप्पणियों के आरोपों के बीच डीएमके नेता भारती ने दी सफाई दी। उन्होंने कहा, राज्यपाल रवि द्वारा लगाए गए आरोपों पर मैं सिर्फ यह कहना चाहता हूं कि वे मेरी भाषा नहीं समझ पाए।
नागाओं पर अभ्रद टिप्पणी करने के बाद से ही राजनीति तेज हो गई है। आरोप है कि डीएमके नेता भारती ने पूर्वोत्तर राज्य में स्थित नागा समुदाय पर अस्वीकार्य टिप्पणी की थी। जिसके बाद से ही आरोप-प्रत्यारोप का खेल शुरू हो गया है। इसी बीच, नागाओं के अपमान वाले आरोपों को डीएमके नेता भारती ने खारिज किया है। राज्यपाल आर एन रवि द्वारा लगाए गए आरोपों को दरकिनार करते हुए डीएमके नेता ने कहा, पूर्वोत्तर लोगों को लेकर कोई भी नकारात्मक टिप्पणी नहीं की। मैंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा, जो नागालैंड के लोगों के लिए आलोचनात्मक हो।
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बता दें डीएमके नेता भारती ने एक कार्यक्रम में राज्यपाल रवि की कड़ी आलोचना करते हुए नागालैंड और तमिलनाडु के लोगों की खान-पान की आदतों का जिक्र किया था और कहा था कि यह एक उदाहरण है। रवि नागालैंड के राज्यपाल रह चुके हैं और अब वह तमिलनाडु के राज्यपाल हैं।
राज्यपाल ने कहा था, नागा बहादुर, ईमानदार और सम्मानित लोग हैं। डीएमके के वरिष्ठ नेता थिरु आर एस भारती द्वारा सार्वजनिक रूप से उन्हें कुत्ते खाने वाले के रूप में अपमानित करना निंदनीय और अस्वीकार्य है। मैं भारती से आग्रह करता हूं कि वे उस समुदाय को ठेस न पहुंचाएं, जिसका पूरा भारत हिस्सा है। हमें गर्व है कि वे भारत में हैं।