तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के त्रिप्लीकेन इलाके में शुक्रवार को डीएमके और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। यह घटना उस समय हुई जब तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के अध्यक्ष सेल्वापेरुंथगई भारतीय यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के संस्थापक मोहम्मद इस्माइल, जिन्हें 'कायदे-ए-मिल्लत' के नाम से जाना जाता है, की 131वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। यह घटना ऐसे समय हुई है जब तमिलनाडु की राजनीति में दोनों दलों के बीच बढ़ती दूरियां अब खुलकर सामने आने लगी हैं।
डीमके ने आईएनडीआईए गठबंधन की बैठक को किया बहिष्कार
दरअसल, डीएमके ने 8 जून को नई दिल्ली में होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक का बहिष्कार करने का एलान किया है। पार्टी ने एक कड़े बयान में कहा कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस द्वारा गठबंधन तोड़कर टीवीके-नीत सरकार में शामिल होना उसके कार्यकर्ताओं के लिए "विश्वासघात" जैसा था। इसी वजह से पार्टी ने अपने कैडर की भावनाओं का सम्मान करते हुए बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।
डीएमके ने कहा कि वह NEET, परिसीमन, 'वन नेशन, वन इलेक्शन', वक्फ संशोधन विधेयक और एफसीआरए संशोधनों जैसे मुद्दों पर लगातार केंद्र सरकार का विरोध करती रही है और INDIA गठबंधन की प्रमुख ताकत रही है। पार्टी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि गठबंधन को नुकसान पहुंचाने की जिम्मेदारी उसी की है।
हालांकि, डीएमके ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय हित और जनहित के मुद्दों पर वह विपक्षी दलों के साथ मिलकर अपनी आवाज उठाती रहेगी। दूसरी ओर, कांग्रेस नेतृत्व अब भी डीएमके को INDIA गठबंधन का हिस्सा बता रहा है। ऐसे में त्रिप्लिकेन की झड़प और INDIA बैठक के बहिष्कार ने दोनों दलों के बीच बढ़ते मनमुटाव को सार्वजनिक रूप से उजागर कर दिया है।