जनता की शिकायतें सुनते सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
मुख्यमंत्री की तरह ही अब डीएम भी जनता दरबार लगाएंगे। फरियादियों की समस्याएं सुनेंगे और उसका तत्काल निराकरण कराएंगे। इस व्यवस्था की मॉनीटरिंग सीधे मुख्यमंत्री दफ्तर से की जाएगी। हीलाहवाली पर कार्रवाई भी होगी। अभी तक शिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली की जा रही है। गोरखपुर में ही 711 शिकायतें लंबित हैं।
मुख्यमंत्री बनने के पहले भी सांसद रहकर योगी आदित्यनाथ रोजाना गोरखनाथ मंदिर में सुबह जनता दरबार लगाते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने अपनी कार्यशैली में बदलाव नहीं किया है। पहले की तरह ही रोजाना फरियादियों से मिलते हैं, फिर उनकी समस्या का समाधान संबंधित अफसरों की मदद से कराते हैं। इस कारण जनता दरबार में फरियादियों की संख्या बढ़ गई है। रोजाना करीब 400 लोग फरियाद लेकर पहुंच रहे हैं।
ज्यादातर शिकायतें सामान्य होती हैं। कोई चकरोड का विवाद लेकर आता है तो कोई पानी निकासी, नाला रोके जाने की दिक्कत बताता है। इसका समाधान डीएम स्तर से भी संभव रहता है। इसे देखते हुए डीएम से जनता दरबार लगवाने की पहल की गई है। अफसरों से कहा गया है कि स्थानीय मामलों का निस्तारण प्राथमिकता पर सुनिश्चित कराएं। जल्द ही रोजाना डीएम को फरियादियों के लिए समय देना होगा। इसके लागू होने से जहां पीड़ितों को राहत मिलेगी वहीं सीएम के जनता दरबार में भी भीड़ कम हो जाएगी।
जून तक मंदिर में कैंप कार्यालय
सीएम योगी आदित्यनाथ का कैंप कार्यालय गोरखनाथ मंदिर में जल्द ही खुलेगा। मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों ने भी इसके लिए पहल की है। जून के पहले कैंप कार्यालय खुलने की संभावना है। इसमें दो सीनियर अफसर बैठ सकते हैं। ये अफसर मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों से समन्वय बनाकर काम करेंगे।