कर्नाटक में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद भी अभी तक सीएम पद के लिए पेंच फंसा हुआ है। राज्य में बहुमत हासिल करने वाली पार्टी कांग्रेस अभी तक किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। अभी तक कहा जा रहा था कि कांग्रेस ने सिद्धारमैया को सीएम और डीके शिवकुमार को डिप्टी सीएम बनाने का प्रस्ताव दिया था। अब ताजा चर्चा यह है कि डीके शिवकुमार ने कांग्रेस नेतृत्व द्वारा डिप्टी सीएम के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले, बुधवार को राहुल गांधी ने सोनिया गांधी के आवास पर सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों से मुलाकात की।
इस बीच, कांग्रेस ने सीएम के पद को लेकर चल रहे सपेंस्स को लेकर कहा है कि इस पर फैसला बुधवार या गुरुवार को होने की संभावना है। पार्टी ने कहा कि अगले 48-72 घंटों में राज्य में नया मंत्रिमंडल बन जाएगा। राज्य में पांच साल तक एक स्थिर सरकार होगी। कांग्रेस ने लोगों से अटकलों और फर्जी खबरों पर भरोसा न करने का आग्रह किया।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 10-राजाजी मार्ग स्थित आवास के बाहर मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के राज्य प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी मौजूद थे। सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी प्रमुख को विधायक दल का नेता नियुक्त करने के लिए अधिकृत किया गया है और इसलिए विचार-विमर्श चल रहा है।
समाचार चैनलों में चल रही अटकलों पर न करें भरोसा: सुरजेवाला
सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, किसी भी तरह की अटकलों का सहारा न लें, जब भी कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा कोई फैसला लिया जाता है, तो हमें आपको सूचित करने में खुशी होगी। मैं यहां केवल कई अफवाहों और सुनी-सुनाई बातों को खारिज करने के लिए हूं... जो कई समाचार चैनलों पर चलाए जा रहे हैं। कृपया इस पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस बुधवार या गुरुवार को कोई फैसला करेगी, पार्टी सबसे पहले मीडिया को सूचित करेगी।
सिद्धारमैया के समर्थकों में खुशी
वहीं दूसरी तरफ सिद्धारमैया को सीएम बनाने की संभावनाओं को देखते हुए उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल है। वे जश्न मनाते और पटाखे फोड़ते देखे गए।
मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस पर भाजपा ने ली चुटकी
इस बीच, कर्नाटक के पूर्व गृह मंत्री और भाजपा नेता अरागा ज्ञानेंद्र ने कांग्रेस पर चुटकी ली है। उन्होंने बुधवार को कहा कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के लिए लड़ाई अगले पांच वर्षों तक जारी रहेगी। कांग्रेस पार्टी फुरसत की पार्टी है। कांग्रेस पार्टी में सभी जाति समुदाय के लोग मुख्यमंत्री पद की मांग कर रहे हैं। यह कांग्रेस पार्टी की संस्कृति है। कांग्रेस ने अभी तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं की है।