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कर्नाटक में स्थानीय मतदान के लिए लोगों को जागरूक करने वाली एनसी गौड़ा मतदान जागरूकता समिति से जुड़े एस नागराज पल्ली कहते हैं कि वह और उनकी पूरी टीम इस बात को लेकर पूरे राज्य में विरोध कर रही थी कि दल बदलू नेताओं को दोबारा विधानसभा नहीं पहुंचने देना है। नागराज कहते हैं कि इसके लिए उनकी टीम ने किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन तो नहीं किया था, लेकिन वह लोगों को यह संदेश जरूर देना चाहते थे कि नेता सत्ता के लिए ही दल बदलते हैं। वह कहते हैं कि दल बदल कर चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेकर विधानसभा पहुंचे नेताओं की संवैधानिक और कानूनी तरह से तो सवाल नहीं रहे हैं। लेकिन उनकी राजनीतिक मंशा पर बड़ा सवालिया निशान पिछले चुनाव में ही उठ गया था। वह कहते हैं कि बड़ी वजह रही कि इस बार के विधानसभा चुनाव में जनता ने ऐसे पाला बदल नेताओं को विधानसभा पहुंचने से ही रोक दिया।