नक्कालाल को बचपन में ही पोलियो हो गया था। उसकी जिंदगी में आने वाली पहली महिला का नाम है कांताबाई। जो अलसीगढ़ की रहने वाली है और नक्कालाल से उम्र में करीब 13 साल बड़ी है। नक्कालाल और कांताबाई बिना शादी किए बीते 12 साल से लिव-इन में रह रहे हैं। दोनों ही अपनी जिंदगी में बेहद खुश थे। वहीं करीब 8 साल पहले नक्कालाल को एक अन्य महिला से प्यार हो गया। जिसका नाम है पुन्की और वह गिरवा जिले के फुफती गांव की रहने वाली है। पुन्की भी नक्कालाल की तरह ही दिव्यांग है। जब नक्कालाल को पुन्की से प्यार हुआ तो वह उसे भी अपने घर लेकर आ गया।
भांजी के साथ शादी
जब नक्कालाल को कांताबाई और पुन्की दोनों से ही बच्चे नहीं हुए तो वह बीते साल अपनी भांजी रेखा को लिव-इन में रहने के लिए अपने घर ले आया। जिसके बाद तीनों महिलाएं नक्कालाल के साथ एक ही घर में रहने लगीं। कुछ समय बाद जब 27 साल की रेखा गर्भवती हो गई तो नक्कालाल ने शादी करने का फैसला किया। जिसके बाद बुधवार को नक्कालाल ने अपने परिवार और रिश्तेदरों की मौजूदगी में अपनी तीनों लिव-इन पार्टनर के साथ एक ही मंडप में शादी कर ली।
आदिवासियों के बीच आम है लिव-इन रिलेशनशिप
भारत में लिव-इन का चलन बेशक अब शुरू हो रहा है लेकिन यहां के आदिवासी समुदायों में यह प्रथा बहुत समय से प्रचलित है। उदयपुर जिले के बड़े हिस्से आदिवसी वर्चस्व वाले हैं। यहां शादी से पहले लड़के का लड़की के साथ रहना एक आम परंपरा है।