हालिया चुनावों में बीजेपी के हाथों करारी हार के बाद राजनीतिक पार्टियां आत्ममंथन करने में जुट गई हैं। कांग्रेस भी अपनी हार के पीछे के वजहों पर ध्यान देने में लगी हुई है। इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के अनुसार कांग्रेस के एससी विभाग के अध्यक्ष के. राजू का कहना है कि मुसलमानों और पिछड़े जातियों के वोटों के अप्रत्याशित विभाजन की वजह से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा।
उन्होंने आगे कहा कि जिन समुदायों से हमें आशा थी कि वो हमें वोट देंगे उन्होंने हमें वोट नहीं दिया। हमें लग रहा था कि ओबीसी समुदाय हमारे गठबंठन को वोट देगा। कम से कम गैर जाटव दलित कांग्रेस को वोट देंगे ही जबकि हमने आशा की थी कि मुस्लिम भी हमारे गठबंधन को ही वोट देंगे, जिससे हम चुनावों में जीत जाएंगे जबकि ऐसा बिलकुल भी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मुस्लिम वोटों का विभाजन हुआ। पिछड़ी जातियों के वोट भी बंटे। पिछड़ी जातियों के वोटों का कुछ अंश तो बीजेपी की झोली में गिरा।
राजू ने इन सीटों पर उम्मीदवारों के चयन के लिए उत्तर प्रदेश और पंजाब दोनों राज्यों के आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों में महत्वाकांक्षी नेतृत्व विकास मिशन भी चलाया था। लेकिन 28 अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों में से कोई नहीं जीत पाया। उन्होंने आगे कहा कि इन चुनावों से पार्टी सबक ले रही है। हम पुरानी गलतियों को फिर से नहीं दोहराएंगे।