किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए
केंद्र सरकार ने कहा है कि सहकारी समितियों को किसानों से दूध खरीद की मात्रा बढ़ाने को कहा गया है साथ ही राज्यों से भी कहा गया है कि वे
मिड-डे मिल जैसी योजनाओं के माध्यम से दूध के उपभोग को बढ़ावा दें।
खाद्य मंत्रालय द्वारा एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में दूध को भी शामिल करने के लिए अनुरोध किया गया है। कृषि मंत्रालय ने भी एक बयान में इसका समर्थन करते हुए कहा है कि इसकी मदद से दूध की खपत बढ़ेगी और दूध उत्पादन करने वाले किसानों को ज्यादा बेहतर दाम दिलाने में मदद मिलेगी।
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दूध सहकारी समितियों को सलाह दी गई है कि वे 2012 तक विश्व व्यापार में अपना हिस्सा दो प्रतिशत तक पहुंचाए। नेशनल डेयरी डेवलेपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) ने भी राज्यों से निर्यात के लक्ष्य को पूरा करने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने को कहा है। सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने की योजना के तहत 2022 तक दूध का उत्पादन 255 मिलियन टन पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।