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शराब पीने की उम्र घटाने पर विवाद : भाजपा को आई महिला सुरक्षा की याद, आप बोली- दोहरा रवैया

Tue, 23 Mar 2021 11:08 PM IST
सुरेंद्र जोशी डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला नई दिल्ली
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Saurabh Bhardwaj
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दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति में राजधानी में शराब के सेवन की वैधानिक उम्र 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष कर दी है। इस पर विवाद शुरू हो गया है। भाजपा और कांग्रेस ने इसे महिला सुरक्षा के साथ खिलवाड़ और शराब को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है तो आम आदमी पार्टी ने अपनी सरकार के इस फैसले का बचाव किया है। पार्टी ने कहा है कि उम्र घटाकर सरकार ने इसे एनसीआर के बराबर कर के दुविधा की स्थिति को कम करने का प्रयास किया है।

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आप ने कहा- भाजपा शासित राज्यों में है 21 साल
आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश में शराब पीने की वैधानिक उम्र 21 वर्ष है। जबकि गोवा, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में यही उम्र केवल 18 वर्ष है। ऐसे में भाजपा को उम्र सीमा कम करने का विरोध करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि वे स्वयं यही काम कर रहे हैं। आप नेता ने कहा कि दिल्ली सरकार इस बात को सुनिश्चित करेगी कि इस नियम का कोई गलत लाभ न उठाया जा सके।
अब आबकारी क्षेत्र में सुधार का दावा
आप नेता ने आरोप लगाया कि उम्र सीमा का विवाद केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है, जबकि आम आदमी पार्टी सरकार हर क्षेत्र से भ्रष्टाचार को पूरी तरह हटाने का लिए काम कर रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार के बाद अब आबकारी क्षेत्र में भी सुधार का निर्णय लिया गया है और दिल्ली को भ्रष्टाचार मुक्त करने का काम जारी रहेगा।
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भाजपा ने बोला हमला, महिला सुरक्षा के दावों पर सवाल 
उधर, दिल्ली प्रदेश भाजपा प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने शराब पीने की उम्र घटाकर महिला सुरक्षा को लेकर किए जा रहे अपने ही दावों पर सवाल खड़ा कर  दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार महिला सुरक्षा के लिए जगह-जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का दावा करती है? क्या सरकार को इन सीसीटीवी कैमरों में यह नहीं दिखाई पड़ा कि लोग शराब पीकर महिलाओं से छेड़छाड़ करते हैं, महिलाओं का पीछा करते हैं और इसी शराब को पीकर महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा की जाती है। अगर केजरीवाल महिलाओं के प्रति गंभीर होते तो राजधानी में शराब पीने की उम्र न घटाते।
गुजरात, हरियाणा व बिहार से करें तुलना
नेहा शालिनी दुआ ने कहा कि अगर केजरीवाल सरकार को भाजपा के सरकारों से मुकाबला ही करना है तो उन्हें गुजरात, हरियाणा और बिहार की तुलना करनी चाहिए जहां शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। शराब पर पाबंदी के कारण इन राज्यों में महिला हिंसा के मामलों में खासी कमी आई है। दिल्ली सरकार को शराब पीने की उम्र कम करने की बजाय शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बारे में सोचना चाहिए।

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