आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत सिंह मान ने अकाली नेताओं हरसिमरत कौर और अन्य पर कृषि कानूनों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हरसिमरत कौर मंत्री रहते हुए कृषि कानूनों की वकालत कर रही थीं, लेकिन जब इसके खिलाफ किसानों का गुस्सा फूटा तब राजनीतिक नुकसान को भांपते हुए अकाली नेता ने अपना रुख बदल लिया। उन्होंने अकाली दल के साथ-साथ पंजाब में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार को भी निशाने पर लिया।
आम आदमी पार्टी के पंजाब अध्यक्ष भगवंत सिंह मान ने एक प्रेसवार्ता कर कहा कि खाद्य उपभोक्ता और सार्वजनकि वितरण मामलों पर बनी संसद की स्थायी समिति की बैठकों में इन मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई थी। उस वक्त केंद्र सरकार का हिस्सा रहीं हरसिमरत कौर लगातार इन कानूनों को किसानों के लिए लाभकारी बता रही थीं। आप नेता ने कहा कि 5 जून 2020 को संसद की उच्चस्तरीय कमेटी की बैठक हुई थी, जिसमें हरसिमरत कौर का कानूनों पर असली रुख सामने आता है। उन्होंने इस बैठक की मिनट रिपोर्ट जारी करने की मांग भी की।
उन्होंने कहा कि इस मामले पर पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार भी सवालों के घेरे में है। आप नेता ने आरोप लगाया कि एक तरफ तो कैप्टन कृषि कानूनों और कॉर्पोरेट कंपनियों का विरोध कर रहे थे, वहीं वे कुछ कंपनियों से उसी दौरान लेनदेन भी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सरासर गलत है कि किसान जिन कंपनियों का विरोध कर रहे थे, पंजाब सरकार उन्हीं कंपनियों से किसानों के लिए डील कर रही थी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इन कंपनियों के विरोध में थी तो उसे इन्हीं कंपनियों से आर्थिक डील नहीं करनी चाहिए थी।
आप नेता ने कहा कि इन पार्टियों की सच्चाई पंजाब की जनता को समझ में आ रही है और यही कारण है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोगा में आम आदमी पार्टी की बेहद सफल रही किसान महापंचायत से अन्य पार्टियां सकते में हैं और इसीलिए उन पर मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं।