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नेशनल यूथ पार्लियामेंट में युवाओं ने पेश किया बजट, हुई 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी पर चर्चा

Sun, 10 Jan 2021 03:07 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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यूथ पार्लियामेंट के स्पीकर कार्तिकेय गोयल - फोटो : amar ujala
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7 व 8 जनवरी को नेशनल यूथ पार्लियामेंट ऑर्गेनाइजेशन द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट पर चर्चा आयोजित की गई। इस साल का बजट बेहद खास है, वर्तमान समय में देश व पूरा विश्व विभिन्न आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है।

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ऐसे में यह बजट सामने आए इस संकट को पार करते हुए 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी का लक्ष्य हासिल करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए नेशनल यूथ पार्लियामेंट ऑर्गेनाइजेशन के द्वारा यह जानने की कोशिश की गई कि युवाओं का इस वर्ष के बजट को लेकर क्या विचार व उम्मीदें है।
 
इसके लिए एक मॉक पार्लियामेंट सेशन का आयोजन किया गया। जिसमें 6 जनवरी को राष्ट्रीय बजट के समान ही इकोनॉमिक सर्वे वितरित किया गया। तत्पश्चात 7 व 8 जनवरी को बजट पेश किया गया। इस सेशन का उद्घाटन लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के द्वारा किया गया।
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आपको बता दें कि इसमें कार्तिकेय गोयल को यूथ पार्लियामेंट का स्पीकर तो वहीं रोहन महाजन को वित्त मंत्री बनाया गया। इस सम्मेलन में देश के 150 से ज्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया। जिसमें से हर राज्य व केंद्रशासित राज्य से 5 युवा शामिल थे।

प्री बजट सेशन में सभी युवा पार्लियामेंटेरियन को उनके विभिन्न मंत्रालय आवंटित किए गए। जिसके लिए पूरी रिसर्च कर उन्होंने बजट बनाया, जिसे बाद में यूथ पार्लियामेंट के वित्त मंत्री रोहन महाजन द्वारा प्रस्तुत किया गया।

उन्होंने बजट पेश करने के दौरान कहा कि हमारा बजट सिर्फ हमारे इकोनॉमिक सर्वे का निर्धारित लक्ष्य ही नहीं प्राप्त करेगा बल्कि यह भारत के सोने की चिड़िया बनने के मार्ग को भी प्रशस्त करेगा।

इस मौके पर नेशनल यूथ पार्लियामेंट ऑर्गेनाइजेशन के संस्थापक व यूथ पार्लियामेंट के स्पीकर कार्तिकेय गोयल ने कहा कि साल 2021 का बजट काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह वर्तमान समय की मुश्किल परिस्थितियों में प्रस्तुत किया जा रहा है। यह बजट समाज के हर तबके के लोगों को ध्यान में रखकर बनाया जाना चाहिए।

खासतौर पर वो लोग जिनपर इस महामारी का सीधा असर पड़ा है। जहां तक युवाओं की बात है तो वो वर्तमान समय में देश की कुल आबादी का लगभग एक तिहाई हैं। ऐसे में बजट का लगभग 10% हिस्सा युवाओं को ध्यान में रखकर ही बनाया जाना चाहिए। तभी हम अपना 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का लक्ष्य हासिल कर पाएंगे।

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