शीर्ष भाजपा नेता डा. मुरली मनोहर जोशी को पार्टी ने बेशक सक्रिय राजनीति से अलग कर मार्गदर्शक मंडल में डाल रखा है। मगर सांसद निधि खर्चने के मामले में जोशी ने यूपी के सांसदों के सामने नजीर पेश की है। यूपी के सभी 80 लोकसभा सांसदों में जोशी ही एकमात्र ऐसे सांसद हैं जिसने न सिर्फ आवंटित अपना बजट शतप्रतिशत खर्च किया है। बल्कि सीमा से आगे बढ गए हैं। जोशी अपने सांसद निधि की 112 प्रतिशत से ज्यादा राशि खर्च कर सांसद निधि खर्चने के मामले में अव्वल हैं। तो वहीं युवाओं की रोल मॉडल कहीं जाने वाली सपा सांसद डिंपल यादव इस मामले में सबसे फिसड्डी हैं। डिंपल ने अपने सांसद निधि का कुल 23.99 प्रतिशत ही खर्च किया है।
भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के अनुसार यूपी के सभी सांसदों को 2014 के बाद से अब तक बतौर सांसद निधि के हिस्से के रूप में 20-20 करोड मिले हैं। कई सांसदों के जरिए अभी पूरी राशि नहीं खर्च की जा सकी है। हालांकि मंत्रालय का कहना है कि सांसद निधि खर्च करने का जिम्मा स्थानीय प्रशासन का है मगर इस निधि से होने वाले कार्यों की अनुशंसा सांसद करते हैं। लेकिन डा. जोशी सरीखे सांसदों ने जता दिया है कि वे बेशक सक्रिय राजनीति से ओझल हो गए हों मगर प्रशासन की क्षमता उनमें अब भी बाकी हैं।
सांसद निधि खर्चने में पीएम मोदी पर भारी सोनिया
कांग्रेस पार्टी के सितारे बेशक गर्दीश में चल रहे हैं। लेकिन सांसद निधि खर्चने के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी पीएम मोदी से आगे हैं। राहुल गांधी ने अपने हिस्से की राशि का 70.42 प्रतिशत खर्च कर दिया है। तो सोनिया ने भी अपने सांसद निधि से 82.13 प्रतिशत राशि खर्च की है। जबकि पीएम मोदी इस मामले में न सिर्फ विपक्ष के नेताओं बल्कि अपने ही पार्टी के नए सांसदों से भी पीछे हैं।
मंत्रालय के जरिए 11 मई को जारी किए गए खर्च के आंकडों के अनुसार मोदी ने अपने सांसद निधि का कुल 63.43 प्रतिशत निधि ही खर्च किया है। हालांकि उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में अन्य योजनाओं के जरिए कई कार्य हुए हैं। मगर सांसद निधि खर्चने के मामले में मोदी कई सांसदों से नीचे हैं।
पीएम मोदी से आगे भाजपा के अपने ही कई सांसद
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पीएम मोदी बेशक इस वक्त भाजपा के सबसे बड़े चेहरे हैं। लेकिन सांसद निधि खर्च करने के मामले में उनके अपने ही कई सांसद उनसे आगे हैं। वैसे पूरे यूपी में सांसद निधि खर्चने के मामले में एक जमाने में मोदी के राजनीतिक मार्गदर्शक रहे जोशी का नाम है। तो जोशी के अलावा भाजपा के दर्जनों सांसद हैं। जो कि अपने सांसद निधि का ज्यादा से ज्यादा पैसा क्षेत्र में खर्च कर रहे हैं। बल्कि इस मामले में वे डिस्टिंकशन हासिल किए हुए हैं।
अकबरपुर के सांसद देवेंद्र सिंह उर्फ भोले सिंह ने 88.74, इलाहाबाद के श्यामाचरण गुप्त ने 88.92, अलीगढ़ से सतीश कुमार ने 83.22, अमरोहा के कंवर सिंह तंवर ने 84.22, डुमरियागंज से जगदम्बिका पाल सिंह ने 80.55, घोषी के हरिनारायण राजभर ने 96.55, हरदोई से अंशूल वर्मा ने 89.23, झांसी से उमा भारती ने 85.77, कौशाम्बी से विनोद कुमार सोनकर ने 95.33, खीरी से अजय कुमार ने 92.44, कुशीनगर के राजेश पाण्डे ने 95.82, सलेमपुर से रविंद्र कुशवाहा ने 84.09 और सुल्तानपुर से वरूण गांधी ने अपनी अब तक की सांसद निधि का 80.51 राशि खर्च कर दिया है।
मोदी के मंत्रियों में मनोज सिन्हा फिसड्डी
सांसद निधि खर्च करने के मामले में पीएम मोदी के मंत्रियों में सबसे निचले पायदान पर केंद्रीय राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार मनोज सिन्हा हैं। सिन्हा ने अपनी अब तक की सांसद निधि का महज 29.30 प्रतिशत ही खर्च किया है। महेश शर्मा ने 56.16, महेंद्र नाथ पाण्डे ने 61.41, कलराज मिश्र ने 62.53, निरंजन ज्योति ने 67.38, उमाभारती ने 85.77, राजनाथ सिंह ने 67.50, अनुप्रिया पटेल ने 71.99, संजीव कुमार बालियान ने 68.82, मेनका गांधी ने 71.58, कृष्णा राज ने 67.39 और संतोष गंगवार ने अपनी अब तक की कुल प्राप्त सांसद निधि का 71.71 प्रतिशत निधि ही खर्च किया है।