सुषमा स्वराज ने अपनी पीठ भी खूब थपथपाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देशों के साथ अच्छे रिश्ते बनाने की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए विदेश मंत्री ने विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर और वीके सिंह के भी काम की तारीफ की। सुषमा ने कहने की कोशिश की कि दुनिया के देशों से रिश्ते के बारे में भारत का डंका बज रहा है। उन्होंने कहा कि आपस में विरोधी देशों से भी भारत के बहुत अच्छे रिश्ते हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री इस्राइल जाने वाले हैं। इससे पहले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में इस्राइल जा चुके हैं। सुषमा ने कहा कि उन्होंने खुद अपनी विदेश यात्रा पहले इस्राइल और फिर फिलस्तीन जाकर शुरू की थी। जबकि इस्राइल और फिलस्तीन में कटुता है। इसी तरह से सऊदी अरब, ईरान में बिल्कुल नहीं निभती, साइप्रस और टर्की को ही देखिए, लेकिन भारत के साथ सभी के अच्छे रिश्ते हैं। विदेश मंत्री ने इसे भारत के विदेश नीति की सफलता बताया।
ट्रंप प्रशासन से अच्छे हैं रिश्ते
डोनाल्ड ट्रंप
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भारत और अमेरिका रक्षा क्षेत्र में गंभीर साझेदार देश हैं और इस पर कोई असर नहीं पड़ा है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के साथ मोदी सरकार का काफी अच्छा तालमेल हैं। रिश्तों में कहीं कोई कमी नहीं आई है। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से तीन बार प्रधानमंत्री उन्हें फोन कर चुके हैं। विदेश मंत्री से विदेश मंत्री के रिश्ते, वित्तमंत्री और रक्षा मंत्री अरुण जेटली के स्तर पर अच्छा तालमेल है। एनएसए से एनएसए के बीच रिश्ते में किसी तरह का किंतु-परंतु नहीं है।
नदी, पहाड़, पेड़ पूजता है भारत
विदेश मंत्री ने पेरिस समझौते को लेकर भारत के अडिग रूख पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भारत ने पेरिस समझौता किसी देश के दबाव या पैसे की लालच में नहीं किया था। उन्होंने कहा कि भारत ने यह समझौता अपनी पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धताओं के कारण किया था। सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत में सदियों से नदी, पहाड़, पत्थर, पेड़ पूजे जाते हैं। हम पीपल की पूजा करते हैं। उन्होंने कहा कि पेरिस समझौते में अमेरिका रहे या न रहे, लेकिन भारत इसमें बना रहेगा।