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115 वर्षों में आ चुके हैं 35 हजार से अधिक तूफान, जा चुकी है 80 लाख की जान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 06 Dec 2018 04:13 PM IST
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तूफान - फोटो : Social Media

दुनियाभर में बीते 115 सालों में आए तूफानों से न केवल लोगों की जान गई बल्कि भारी मात्रा में धन की भी हानि हुई है। हिस्टोरिकल ग्लोबल डेटाबेस के अनुसार साल 1990 से 2015 तक आए तूफानों के कारण 80 लाख लोगों की मौत हुई है। जबकि 700 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है। इन समुद्री तूफानों से विश्व की अर्थव्यवस्था को 30 फीसदी तक का नुकसान पहुंचा है।

दुनिया में सबसे अधिक बार समुद्री तूफान फिलीपींस में आए हैं। हाल ही में भारत के तमिलनाडु राज्य को गाजा तूफान से भारी नुकसान पहुंचा है। जिसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य को 353.70 करोड़ की राशि जारी करने की अनुमति दी है। 

जगहों के हिसाब से रखे गए हैं नाम 

आंकड़ों के अनुसार हर साल दुनियाभर में 100 से आधिक समुद्री तूफान आते हैं। इनके नाम इनके क्षेत्र और गति के अनुसार ही रखे जाते हैं। हालांकि सभी तूफान एक जैसे होते हैं और सबसे नुकसान भी एक सा ही होता है। 

पानी के ऊपर आने वाले तीन तूफान

जगहों के अनुसार तूफानों के नाम रखे जाते हैं। जैसे अटलांटिक में आने वाले तूफान को हरिकेन, हिंद महासागर में आने वाले तूफान को साइक्लोन और फिलीपींस एवं प्रशांत महासागर में आने वाले तूफान को टाइफून कहा जाता है। ये तीनों तरह के तूफान पानी के ऊपर आते हैं। 

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तूफान - फोटो : Social Media
दुनियाभर में बीते 115 सालों में आए तूफानों से न केवल लोगों की जान गई बल्कि भारी मात्रा में धन की भी हानि हुई है। हिस्टोरिकल ग्लोबल डेटाबेस के अनुसार साल 1990 से 2015 तक आए तूफानों के कारण 80 लाख लोगों की मौत हुई है। जबकि 700 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है। इन समुद्री तूफानों से विश्व की अर्थव्यवस्था को 30 फीसदी तक का नुकसान पहुंचा है।

दुनिया में सबसे अधिक बार समुद्री तूफान फिलीपींस में आए हैं। हाल ही में भारत के तमिलनाडु राज्य को गाजा तूफान से भारी नुकसान पहुंचा है। जिसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य को 353.70 करोड़ की राशि जारी करने की अनुमति दी है। 

जगहों के हिसाब से रखे गए हैं नाम 

आंकड़ों के अनुसार हर साल दुनियाभर में 100 से आधिक समुद्री तूफान आते हैं। इनके नाम इनके क्षेत्र और गति के अनुसार ही रखे जाते हैं। हालांकि सभी तूफान एक जैसे होते हैं और सबसे नुकसान भी एक सा ही होता है। 

पानी के ऊपर आने वाले तीन तूफान

जगहों के अनुसार तूफानों के नाम रखे जाते हैं। जैसे अटलांटिक में आने वाले तूफान को हरिकेन, हिंद महासागर में आने वाले तूफान को साइक्लोन और फिलीपींस एवं प्रशांत महासागर में आने वाले तूफान को टाइफून कहा जाता है। ये तीनों तरह के तूफान पानी के ऊपर आते हैं। 

ये हैं दुनिया में आने वाले तूफान

तूफान - फोटो : ANI

साइक्लोन

चक्रवाती तूफान साइक्लोन का नाम हेनरी पेडींगटन ने रखा था। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सांप की कुंडली जैसा दिखने के कारण इसका ये नाम रखा गया है। अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को तबाह करने वाला ये तूफान 1600 किमी तक की दूरी तय कर सकता है। वहीं ऊंचाई के मामले में यह तूफान 10-15 किलोमीटर तक जा सकता है। इससे भारी तबाही होने का एक कारण यह भी है कि यह तूफान 150-1000 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बहने वाली हवाओं के साथ आता है।

टोरनेडो

हवा में तेजी से घूमने वाला टोरनेडो चक्रवात भी काफी खतरनाक है। कई आकार के साथ आने वाला ये तूफान अधिकतर कीप के आकार के साथ आता है। इसके नुकीला जैसा दिखने वाला हिस्सा जमीन को छूता है जबकि चौड़ा हिस्सा आसमान की तरफ होता है। यह तूफान अपने साथ धूल और मलबा ले लेता है। अभी तक का खतरनाक तूफान अमेरिका के मिसौरी और दक्षिणी इलियनोस में 18 मार्च 2005 को आया था, जिसने 695 लोगों की जान ले ली। सैंकड़ों किमी की दूरी तय करने वाला ये चक्रवात 177 किमी की रफ्तार के साथ आता है। 

टाइफून

शुरूआती अवस्था में स्टॉर्म नाम से पुकारा जाने वाला तूफान 120 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार बढ़ने के बाद टाइफून के नाम से जाना जाता है। यह तूफान गर्म इलाकों से उठता है और कम दबाव वाला है। यह पश्चिमी प्रशांत महासागर से उठता हुआ जापान, ताइवान, फिलीपींस या पूर्वी चीन की ओर बढ़ता है। जून-नवंबर के बीच में आने वाले इस तूफान की गति 65 किमी प्रतिघंटा होती है।

हरिकेन

यह तूफान अटलांटिक या पूर्वी प्रशांत महासागर में उठता है। जिसके साथ भारी बारिश आती है और तेज हवाएं भी चलने लगती हैं। इसे सबसे खतरनाक समुद्री तूफान कहा जाता है। इसने अब तक सबसे अधिक तबाही अमेरिका में पहुंचाई है। अमेरिका में आए मशहूर तूफानों में कैटरीना और रीटा का नाम शामिल है। बाकी तूफानों से अधिक ऊंचाई वाला ये तूफान 190 किमी की रफ्तार के साथ आता है।

इस वजह से दिए जाते हैं खूबसूरत नाम

तूफानों के नाम भी बड़े अलग तरीके के होते हैं जैसे तितली, रीटा और कैटरीना। तूफानों के ऐसे नाम इसलिए रखे जाते हैं ताकि लोगों को यह याद रह सकें और वह इनके प्रति सतर्क और जागरुक हों।
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