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अमरनाथ यात्रा पर हमले को लेकर आतंकी गुटों में मतभेद

Fri, 16 Jun 2017 05:08 AM IST
गुंजन कुमार, अमर उजाला/ नई दिल्ली
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- फोटो : File Photo
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अमरनाथ यात्रा पर हमले को लेकर कश्मीर में सक्रिय आतंकी गुटों के बीच मतभेद है। घाटी में सबसे अधिक संख्या में मौजूद हिजबुल मुजाहिद्दीन (एचएम) यात्रा को छेड़ने केपक्ष में नहीं है। जबकि पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-ताइबा हमले पर आमादा हैं। खुफिया एजेंसियों को मिले इस इनपुट से सरकार और सुरक्षा एजेंसियों में खलबली है।
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खासतौर पर जैश की ओर  से हमले की ऐसी गंभीर आशंका के बाद सेना ने चुनिंदा संवेदनशील जगहों पर पांच अतिरिक्त बटालियन यानी 5000 सैन्य कर्मियों की तैनाती शुरू कर दी है। इस  फैसले से पहले बीते मंगलवार को पूरी यात्रा को 30,000 सुरक्षाकर्मियों के हवाले करने का फैसला लिया है। 29 जून से सात अगस्त  तक चलने वाली इस यात्रा के लिए सीआरपीएफ और बीएसएफ की 129 कंपनियां यानि 12900 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती हो चुकी है।

जम्मू-कश्मीर के गवर्नर एन एन वोहरा लगातार हालात का जायजा ले रहे हैं। सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने बृहस्पतिवार को दिल्ली में यात्रा की सुरक्षा का जायजा लिया। गवर्नर वोहरा और जनरल रावत लगातार संपर्क में हैं। गौरतलब है कि इस बार अमरनाथ यात्रा के लिए दो लाख से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने पंजीकरण  करवाया है। 
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जैश हमेशा से अपना लक्ष्य बना कर बड़े हमले करता है

- फोटो : file photo
एजेंसी से जुड़े उच्चपदस्थ सूत्र ने ‘अमर उजाला’ को  बताया कि घाटी के आतंकियों के बीच लंबे समय से अमरनाथ यात्रा और घाटी केपर्यटन को नहीं छेड़ने पर सहमति बनी हुई थी। लेकिन इस बार जैश-ए-मोहम्मद घाटी में अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए बड़ी घटना पर आमादा है।

सूत्रों ने मुताबिक दो दिन पहले घाटी में हुए सात बड़े ग्रेनेड हमले में जैश की संलिप्तता से कई खतरनाक संकेत मिल रहे हैं। जैश हमेशा से अपना लक्ष्य बना कर बड़े हमले करता है। 

सूत्रों ने बताया कि हिजबुल मुजाहिद्दीन में लोकल आतंकी ज्यादा हैं। पर्यटन और अमरनाथ यात्रा कश्मीर की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार  है। यह स्थानीय  लोगों के रोजगार का भी बड़ा जरिया है।

आतंकियों को यह डर है कि रोजगार पर चोट पड़ने से उनका स्थानीय समर्थन खत्म हो जाएगा। लेकिन पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई केसीधे इशारे पर काम करने वाले संगठन जैश और लश्कर इसे तवज्जो नहीं दे रहा। जैश के इस नए पैंतरे की वजह से पूरी घाटी में सतर्कता बढ़ाई गई है।   
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