पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में पुलिस ने गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) दल पर शिकंजा कसने की कोशिश की है। पुलिस ने जीजेएम के प्रमुख बिमल गुरुंग के दार्जिलिंग में स्थित ऑफिस पर छापेमारी की है। न्यूज एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक पुलिस ने ऑफिस से हथियार और पैसे बरामद किए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक समर्थक इस छापेमारी से इस कदर नाराज हो गए हैं कि वे बेकाबू हो गए हैं और थाने को भी आग के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने जीजेएम के ऑफिस को सील कर दिया है और हालात पर काबू पाने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
#Darjeeling: A media vehicle set on fire by alleged Gorkha Janmukti Morcha supporters, stones pelted on security forces. #Gorkhaland pic.twitter.com/OsdcyBglXI
— ANI (@ANI_news) June 15, 2017
दार्जिलिंग में बिगड़े हालातों के बाद केंद्र ने पश्चिम बंगाल के लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल उठा दिए हैं। गृहमंत्रालय ने ममता सरकार से मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट मांगी है।
Home Ministry seeks report from West Bengal government on #Gorkhaland issue, asks the state govt to maintain law and order
— ANI (@ANI_news) June 15, 2017
छापेमारी पर सफाई देते हुए कार्यकर्ता बिनय तमांग ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने उनके पुराने उपकरणों को हथियारों की तरह पेश किया है। बिनय ने कहा कि इसी वजह से वे गोरखलैंड, अधिकार, संस्कृति के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
#Darjeeling: Police recovered arms, arrows and cash from Gorkha Janmukti Morcha office. pic.twitter.com/q7wErWRzg1
— ANI (@ANI_news) June 15, 2017