फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra Politics: क्या डिप्टी CM पवार ने स्वीकार किया सियासत में बाहुबल का दबदबा? विचारधारा पर कही ये बात

Fri, 09 Jan 2026 01:21 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने  कहा कि आज की राजनीति में विचारधारा की अहमियत कम होती जा रही है। इसके साथ ही राजनीति में खुलेआम धन और बाहुबल का इस्तेमाल हो रहा है। 
विज्ञापन
अजित पवार, डिप्टी सीएम, महाराष्ट्र - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने शुक्रवार को कहा कि आज की राजनीति में विचारधारा की अहमियत लगातार कम होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकांश राजनीतिक दलों ने अपने मूल सिद्धांतों को त्याग दिया है। इसके साथ ही अपने समर्थकों की संख्या बढ़ाने के लिए विभिन्न हथकंडे अपना रहे हैं।

नेता जो चाहें, वह कर रहे - पवार 

विज्ञापन

पीटीआई को दिए एक विशेष साक्षात्कार में पवार ने कहा, "जो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख भी हैं, ने कहा कि दल-बदल व्यापक हो गया है, जिसमें नेताओं को बहला-फुसलाकर या दबाव डालकर पक्ष बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हाल ही में राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी विचारधाराओं को लगभग त्याग दिया है। नेता जहां चाहें वहां जा रहे हैं, जो चाहें कर रहे हैं।”उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं को प्रलोभन देकर अपने पाले में लाया जा रहा है, जबकि अन्य पर उनके खिलाफ लंबित जांचों को उजागर करके और यह आश्वासन देकर दबाव डाला जा रहा है कि उनके पद छोड़ने के बाद जांच एजेंसियों का प्रबंधन किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- Mizoram Tourism: बीते चार माह में 22000 से अधिक ILP जारी, सैरांग स्टेशन की शुरुआत के बाद बढ़ी पर्यटकों की आमद

राजनीतिक क्षेत्र में खुलेआम धन और बाहुबल का इस्तेमाल हो रहा- पवार

पवार ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बार-बार दल-बदल करने के मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में खुलेआम धन और बाहुबल का इस्तेमाल किया जा रहा है।जिनके पास पैसा और बाहुबल है, वह इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। जो लोग जातिगत मुद्दों को उठाकर वोट हासिल करने की सोच रहे हैं, वह यही रणनीति अपना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी उम्मीदवार का मूल्यांकन उसकी चुनावी योग्यता के आधार पर किया जा रहा है। न कि एक नेता के रूप में उसके कार्यों के आधार पर। उन्होंने कहा कि एक नया चलन सामने आया है जहां उम्मीदवारों की लोकप्रियता का आकलन करने के लिए सर्वेक्षणों का उपयोग किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें- India-Nepal: नेपाल के चुनाव से पहले कैलाली में भारत-नेपाल सीमा समन्वय बैठक आयोजित; सुरक्षा और सहयोग पर जोर

विज्ञापन


लोकप्रिय उम्मीदवार को अपने पाले में लाने के प्रयास 

राज्य में आगामी नगर निगम चुनावों से पहले उन्होंने कहा, “सर्वेक्षणों का उपयोग यह पता लगाने के लिए किया जा रहा है कि किसी विशेष क्षेत्र में सबसे लोकप्रिय उम्मीदवार कौन है। यदि वह व्यक्ति विपक्षी पार्टी से संबंधित है, तो उसे अपने पाले में लाने के प्रयास किए जाते हैं।” पुणे और पिंपरी-चिंचवड में भाजपा के स्थानीय नेतृत्व की आलोचना जारी रखते हुए, पवार ने आरोप लगाया कि पिछले आठ से नौ वर्षों में भारी खर्च के बावजूद उनकी दूरदर्शिता की कमी ने दोनों नगर निकायों को संकट में धकेल दिया है।

एनसीपी राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन का एक घटक है।पुणे और पिंपरी-चिंचवड सहित राज्य भर में 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होने वाले हैं। वोटों की गिनती अगले दिन होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें