कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की घटना पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। खासकर छात्रों की सुरक्षा सवालों के घेरे में है। कुछ दिन पहले जादवपुर में भी ऐसी ही घटना हुई थी। जो जघन्य अपराध हुआ है, उसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है। बंगाल सरकार को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। बंगाल सरकार को इसके लिए जवाबदेह होना होगा।
इस बीच एनसीडब्ल्यू सदस्य डेलिना खोंगडुप कोलकाता पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा कि पहले हम पुलिस आयुक्त से मिलेंगे, उसके बाद हम पीड़िता के माता-पिता से मिलेंगे। हम कल तक यहीं हैं। हम उस अस्पताल का भी दौरा करेंगे जहां यह घटना हुई है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि यह एक जघन्य अपराध है। सरकार को जल्द से जल्द न्याय दिलाने का प्रयास करना चाहिए। पुलिस का रवैया ठीक नहीं है। भाजपा सीबीआई जांच की मांग कर रही है। सीएम ममता बनर्जी ने भी इसके लिए सहमति दी है, लेकिन वह गृह मंत्रालय को ऐसा कोई पत्र नहीं लिख रही हैं। जो डॉक्टर आंदोलन कर रहे हैं, वे भी सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। यह जल्द से जल्द होना चाहिए, क्योंकि देरी होने पर सबूतों से छेड़छाड़ का खतरा हो सकता है।
क्या है पूरा मामला
आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ दरिंदगी की घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात की है। मृतक मेडिकल कॉलेज में चेस्ट मेडिसिन विभाग की स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा और प्रशिक्षु डॉक्टर थीं। गुरुवार को अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद रात के 12 बजे उसने अपने दोस्तों के साथ डिनर किया। इसके बाद से महिला डॉक्टर का कोई पता नहीं चला।
शुक्रवार सुबह उस वक्त मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया जब चौथी मंजिल के सेमिनार हॉल से अर्ध नग्न अवस्था में डॉक्टर का शव बरामद हुआ। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया गया। पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। जूनियर महिला डॉक्टर का शव गद्दे पर पड़ा हुआ था और गद्दे पर खून के धब्बे मिले।
शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि मृतक महिला डॉक्टर के मुंह और दोनों आंखों पर था। गुप्तांगों पर खून के निशान और चेहरे पर नाखून के निशान पाए गए। होठ, गर्दन, पेट, बाएं टखने और दाहिने हाथ की उंगली पर चोट के निशान थे।