पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी के भतीजे और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के न्यायपालिका को लेकर दिए गए बयान की आलोचना की है। रविवार को अपने दौरे के दौरान दार्जिलिंग के रास्ते में बागडोगरा हवाई अड्डे पर पहुंचने पर धनखड़ ने कहा कि राज्य में संवैधानिक संस्थाओं पर हमले हो रहे हैं, न्यायपालिका पर हमला निंदनीय है। इस दौरान उन्होंने बिना अभिषेक बनर्जी का नाम लिए कहा कि सांसद ने रेड लाइन को पार कर दिया है।
अभिषेक बनर्जी पर राज्यपाल ने साधा निशाना
उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि सांसद का न्यायपालिका पर हमला निंदनीय है। राज्यपाल ने कहा कि एक जनसभा में बोलते हुए एसएससी घोटाले की सीबीआई जांच का आदेश देने वाले न्यायाधीश पर हमला करना सबसे निंदनीय है। राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि वह अभिषेक बनर्जी द्वारा की गई टिप्पणियों को गंभीरता से ले रहे हैं। साथ ही उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव से तत्काल इस मामले में उचित कार्रवाई शुरू करने के लिए भी कहा है।
दरअसल, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पिछले एक साल में कई मामलों में सीबीआई जांच के आदेश दिया है। इनमें चुनाव के बाद की हिंसा और स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा शिक्षकों की भर्ती में हुए घोटाले भी शामिल है। इसी को लेकर टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'मैं यह बात कह कर बहुत शर्मिंदा महसूस कर रहा हूं कि न्यायतंत्र में एक या दो लोग ऐसे हैं जो (पश्चिम बंगाल के) हर मामले में सीबीआई जांच का आदेश दे रहे हैं। यह न्यायतंत्र का केवल एक फीसदी है।' उन्होंने आगे कहा कि अगर आपको लगता है कि सच बोलने के लिए आप मेरे खिलाफ कार्रवाई करेंगे, तो मैं हजार बार सच बोलूंगा।
पद ग्रहण के बाद से जारी है खींचतान
गौरतलब है कि टीएमसी सरकार और राज्यपाल के बीच जुलाई 2019 में उनके पद संभालने के बाद से खींचतान जारी है। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने धनखड़ पर बहुत पहले राज्यपाल पद की सीमा लांघने का आरोप लगाते हुए आरोप लगाया कि वह भाजपा के प्रतिनिधि के रूप में काम कर रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने किया बचाव
अभिषेक बनर्जी का बचाव करते हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि अभिषेक बनर्जी अदालतों और न्यायिक व्यवस्था में पूरा सम्मान और विश्वास रखते हैं। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि टीएमसी द्वारा लोकतंत्र के सभी स्तंभों को गिराने की कोशिश की जा रही है। सुकांत मजूमदार जो कि लोकसभा सांसद भी हैं उन्होंने पूछा की अभिषेक बनर्जी न्यायपालिका के आदेशों पर कैसे सवाल उठा सकते हैं?
चांसलर पद से हटाए जाने की कवायद पर दिया जवाब
इस दौरान राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य के विश्वविद्यालयों के चांसलर पद से उन्हें हटाए जाने की कवायद पर भी अपनी चुप्पी तोड़ी। राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि राज्य की गंभीर समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में उनकी स्थिति और जिम्मेदारियों को लेकर मुद्दे पैदा किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला दिसंबर, 2021 में भी उठाया गया था।
जुलाई, 2019 में राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से धनखड़ और टीएमसी सरकार कई मुद्दों पर आमने-सामने हैं, राज्य विश्वविद्यालयों के चांसलर और निजी लोगों के आगंतुक के रूप में उनकी भूमिका को अक्सर सत्तारूढ़ सरकार द्वारा प्रतिबंधित किया जाता है।