सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल एके भट ने बृहस्पतिवार को अपने पाकिस्तानी समकक्ष से बात की और जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर आतंकवादियों की गतिविधियों पर भारत की चिंता जाहिर की। हालांकि पाक डीजीएमओ और पाकिस्तानी सेना ने हमेशा की तरह भारत की इस शिकायत को सिरे से नकार दिया।
कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपोरा क्षेत्र में सुरक्षा बलों और एक घर में छिपे आतंकवादियों के बीच जारी मुठभेड़ के बीच यह बातचीत हुई। सेना के सूत्रों ने कहा कि डीजीएमओ ने पाकिस्तानी डीजीएमओ से बृहस्पतिवार की सुबह हॉट लाइन से बातचीत की। उन्होंने नियंत्रण रेखा पर आतंकवादियों की गतिविधियों पर चिंता जाहिर की।
पाकिस्तानी डीजीएमओ को उड़ी में पकड़े गये दो पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजे जाने के बारे में भी सूचित किया गया। सूत्रों ने कहा कि दोनों पाकिस्तानी नागरिकों को 10 मार्च को वाघा सीमा के जरिये उनके देश भेज दिया जाएगा। एनआईए ने पिछले वर्ष उड़ी में एक सैन्य शिविर पर हुए आतंकी हमले के सिलसिले में गिरफ्तार दो पाकिस्तानी युवकों फैसल हुसैन अवान और अहसान खुर्शीद को बुधवार को सेना को सौंपा था। उड़ी में सैन्य शिविर पर हुए आतंकी हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे।
उधर, पाकिस्तानी सेना ने भी भारतीय सेना की चिंताओं को खारिज कर दिया। उसने आतंकी गतिविधियों की सूचना पर भारत से ‘सुबूत साझा’ करने के लिए कहा है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट किया, ‘हॉटलाइन कॉल के दौरान एलओसी पर आतंकवादियों की गतिविधियों पर भारत की चिंता को दृढ़ता से खारिज कर दिया गया। भारतीय सेना को अपने भीतर झांकने, सुबूत साझा करने को कहा गया।’