कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर)
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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और फॉर्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका द्वारा तैयार कोरोना वैक्सीन से दुनिया को उम्मीदें हैं। भारत में मनुष्यों पर वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण के ट्रायल के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) को मंजूरी दे दी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार डीसीजीआई के डॉ. वीजी सोमानी ने एक्सपर्ट कमेटी के मूल्यांकन के नतीजों के बाद रविवार देर रात परीक्षण की मंजूरी दे दी। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) के अधिकारी के अनुसार परीक्षण की मंजूरी मिलने के बाद तीसरे चरण के परीक्षण से पहले कंपनी को डाटा सेफ्टी मॉनीटरिंग बोर्ड (डीएसएमबी) के सेफ्टी डाटा को सीडीएससीओ को सौंपना होगा।
29 दिन में दी जाएगी वैक्सीन की दो डोज
परीक्षण के लिए जो नीति बनाई गई है उसमें व्यक्ति को चार सप्ताह में वैक्सीन की दो डोज देनी है। पहली डोज पहले दिन और दूसरी डोज 29वें दिन दी जाएगी। इसी बीच दवा के असर, उसकी सुरक्षा और दूसरे कारकों को परखा जाएगा। वैक्सीन के पहले चरण के प्रारंभिक नतीजे सकारात्मक आने के बाद दूसरे और तीसरे चरण के ट्रायल को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा एक और वैक्सीन ‘कोविशिल्ड’ के दूसरे और तीसरे चरण के ट्रायल को मंजूरी मिलने की खबर है।
17 शहरों में 1600 लोगों पर ट्रायल का प्रस्ताव
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की ओर से दिए गए प्रस्ताव में 18 वर्ष से अधिक उम्र के 1600 लोगों पर ट्रायल की बात कही गई है। ट्रायल देश केअलग-अलग 17 शहरों में होगा। इसमें एम्स दिल्ली, बीजे मेडिकल कॉलेज पुणे, आरएमआरआईएमएस पटना, पीजीआई चंडीगढ़, एम्स जोधपुर, नेहरू अस्पताल गोरखपुर, आंध्र मेडिकल कॉलेज विशाखापट्टनम, मायसोर के जेएसएस एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन शामिल है। मालूम हो कि ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन का ब्रिटेन, ब्राजिल में दूसरा और तीसरा चरण जबकि दक्षिणी अफ्रीकी देशों में पहले और दूसरे चरण का ट्रायल जारी है।