विमानन नियामक डीजीसीए ने सोमवार को कहा कि वंदे भारत मिशन के तहत विदेशी एयरलाइंस ने 870 चार्टर्ड उड़ानों का संचालन किया है। इस विमान के द्वारा लॉकडाउन के दौरान दूसरे देशों में फंसे हुए दो लाख यात्रियों को भारत लाया गया। डीजीसीए के इस मानवीय कदम से प्रवासी यात्रियों को काफी मदद मिली।
बता दें कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू यात्री विमानों को क्रमशः 23 मार्च और 25 मार्च को निलंबित कर दिया था। हालांकि लॉकडाउन में कुछ छूट होने के बाद 25 मई को घरेलू यात्री सेवाओं को फिर से शुरू कर दिया गया जबकि देश में अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवाएं अभी भी निलंबित हैं।
डीजीसीए ने बताया कि कुछ बड़ी एयरलाइंस जिसमें कतर एयरवेज-81, केएलएम डच-68, कुवैत एयर-41, ब्रिटिश एयरवेज-39, फ्लायदुबई-38, एयर फ्रांस-32, जजीरा-30, एयर अरेबिया-20, गल्फ एयर-19, श्रीलंका-19, बिमान बांग्लादेश-15, कोरियाई एयर-14, डेल्टा-13, सऊदिया-13 और एयर निप्पॉन-12 शामिल हैं, ने इस संचालन में भाग लिया।
वहीं भारत सरकार ने लॉकडाउन की वजह से विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए शुरू किए गए वंदे भारत मिशन में अभी तक संचालित की जा रही उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। यह फैसला विदेशों में मौजूद भारतीय नागरिकों की ओर से देश वापसी के लिए आवेदनों की बढ़ती संख्या के चलते लिया गया है।
नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने 'वंदे भारत मिशन' के तहत खाड़ी देशों, अफ्रीका, सिंगापुर, मलेशिया से संचालित होने वाली उड़ानों की संख्या को और बढ़ाने का फैसला किया है। लॉकडाउन के कारण विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए सरकार ने गत छह मई से वंदे भारत अभियान के तहत विशेष उड़ानों की शुरुआत की थी।
पुरी ने ट्वीट किया कि नागरिक उड्डयन सचिव, एअर इंडिया सीएमडी, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के अध्यक्ष और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ वंदे भारत मिशन के अंतर्गत संचालन समीक्षा के मद्देनजर हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।