फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहीद रमेश रंजन के घर पहुंचकर डीजी सीआरपीएफ ने दी सांत्वना

Mon, 10 Feb 2020 04:16 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
विज्ञापन
सांत्वना देते डीजी सीआरपीएफ - फोटो : social media
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के पास हुई मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मारने के बाद बिहार के रमेश शहीद हो गए थे। सोमवार को डीजी सीआरपीएफ ने शहीद के पैतृक गांव भोजपुर के जगदीशपुर क्षेत्र स्थित देवटोला पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। डीजी सीआरपीएफ ने कहा कि हमारे शहीद भाई की वीरता पर राष्ट्र को गर्व है। डीजी ने शोक संतप्त परिवार को आश्वासन दिया कि हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

विज्ञापन


बता दें कि जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के पास बुधवार को हुई मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मारने के बाद बिहार के रमेश शहीद हो गए थे। बृहस्पतिवार सुबह शहीद रमेश का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव भोजपुर के जगदीशपुर क्षेत्र स्थित देवटोला गांव पहुंचा। शहादत की खबर सुनते ही रमेश के घर हजारों लोग परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी और शहादत को नमन किया।

सिर में लगी गोली, अंतिम सांस तक दिया मुंहतोड़ जवाब

सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रमेश की शहादत को नमन करते हुए बताया कि हिजबुल, लश्कर और जेकेआईएस के तीनों आतंकियों को मार गिराने में रमेश रंजन ने अहम भूमिका निभाई। सिर में गोली लगने के बाद भी रमेश अंतिम सांस तक आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते रहे। उनके इसी जज्बे से आतंकियों के मंसूबे नााकाम हुए।

शहीद रमेश सीआरपीएफ की 73वीं बटालियन में तैनात थे। उनके पिता राधामोहन सिंह बिहार पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। वर्ष 2011 में रमेश की पहली पोस्टिंग ओडिशा में हुई थी। शहीद रमेश के पिता राधामोहन ने बताया कि वे चार भाइयों में सबसे छोटे थे। रमेश की शादी वर्ष 2016 में बड़हरा के गुंडी-सरैंया निवासी विजय राय की बेटी बेबी राय से हुई थी। अभी उनकी कोई संतान नहीं है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें