पूरे देश की चर्चा के केंद्र में रहे श्रद्धा हत्याकांड को लेकर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फणडवीस ने बयान दिया है। उन्होंने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि मामले में की गई किसी भी जांच में यह नहीं पाया गया है कि मृतका श्रद्धा वाकर द्वारा शिकायत वापस लेने के पीछे उनके ऊपर किसी भी तरह का पुलिसिया या कोई राजनीतिक दबाव था। डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि अगर पुलिस ने तभी कार्रवाई की होती तो यह घटना टल भी सकती थी।
उन्होंने यह भी कहा कि मीरा-भायंदर पुलिस ने नवंबर 2020 में आफताब पूनावाला के खिलाफ श्रद्धा वाकर की शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं की, इसकी जांच एक विशेष टीम करेगी। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फणडवीस ने कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं। वाकर द्वारा शिकायत दर्ज कराने और वापस लेने के बीच एक महीने का अंतर था। विशेष टीम इस बात की जांच करेगी कि उस दौरान पुलिस ने क्या कार्रवाई की थी।
अंतर-धार्मिक विवाह करने वालों पर भी बोले फडणवीस
इस दौरान महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने अंतर-धार्मिक विवाह करने वाले जोड़ों के बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए एक समिति गठित करने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले पर कहा कि राज्य सरकार ऐसी शादियों के खिलाफ नहीं है, लेकिन समय के साथ यह महसूस किया जा रहा है कि साजिश के तहत कुछ जिलों में ऐसी शादियां बड़ी संख्या में हो रही हैं।
लिव इन पार्टनर ने की हत्या
गौरतलब है कि मई माह में श्रद्धा वाकर के लिव इन पार्टनर आफताब पूनावाला ने श्रद्धा की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने शव को बाथरूम में रखा। इतना ही नहीं, उसने शव के चापड़ से करीब 35 टुकड़े किए और फिर फ्रीज में रख दिए। वह रात दो बजे फ्रीज से एक शव का एक टुकड़ा निकलता और महरौली के जंगल में फेंक आता था। पुलिस ने जब इस मामले का खुलासा किया तो देशभर में लोग सकते में आ गए थे।
2020 में वसई पुलिस में श्रद्धा ने आफताब के खिलाफ दर्ज कराई थी शिकायत
दिल्ली जाने से पहले पूनावाला के साथ वसई क्षेत्र में रहने वाले वाकर ने 23 नवंबर, 2020 को वसई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने अपनी शिकायत में कहा था कि पूनावाला छह महीने से अधिक समय से उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। इसके साथ ही उसे जान से मारने और उसके टुकड़े-टुकड़े करने की धमकी दे रहा था।
इस मामले की जांच के दौरान वसई पुलिस ने बताया था कि उसकी 2020 की शिकायत पर उस वक्त कोई कार्रवाई नहीं की गई थी क्योंकि जब पुलिस ने वाकर से कार्रवाई के बारे में संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि पूनावाला के माता-पिता आए थे और उसने उनसे अपनी शिकायतों के बारे में बात की थी। अब उन्हें और कोई शिकायत नहीं है। इसके बाद 19 दिसंबर, 2020 को उसने अपनी शिकायत वापस ले ली थी।
श्रद्धा के पिता ने पुलिस पर लगाए थे आरोप
गौरतलब है कि श्रद्धा के पिता विकास वालकर ने पुलिस पर कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, अगर वसई पुलिस ने तत्परता दिखाई होती तो आज मेरी बेटी जिंदा होती। मुंबई में एक प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया है।