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गंगा पर धड़ल्ले से जारी अवैध खनन, एनजीटी ने जारी किया नोटिस

Thu, 26 Jan 2017 04:38 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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हरित कोर्ट और अन्य प्राधिकरणों के आदेशों को दरकिनार कर उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में गंगा की तलहटी से अवैध खनन जारी है। आदेश का पालन न होने और अवैध खनन के खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में याचिका दाखिल की गई है।
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याची का आरोप है कि हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज के पास गंगा नदी से खनन किया जा रहा है। जबकि पहले कई आदेशों में रायवाला से भोगपुर क्षेत्र तक खनन पर रोक लगाने के लिए आदेश दिए जा चुके हैं। प्रधान पीठ ने मामले में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव, हरिद्वार के जिलाधिकारी को नोटिस देकर जवाब मांगा है। 

जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने बुधवार को गैर सरकारी संस्थान सोशल एक्शन फॉर फॉरेस्ट एंड एनवॉयरमेंट (सेफ) की याचिका पर विचार के बाद प्राधिकरणों को नोटिस दिया है। मामले पर अगली सुनवाई 7 मार्च को होगी।
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अवैध खनन में संलिप्त लोगों पर भारी जुर्माना लगाने की भी मांग की गई है

याची की ओर से पेश एडवोकेट राहुल चौधरी ने अपनी दलील में कहा कि 1952 में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर खनन कहा था कि गंगा के ऊपरी व निचले हिस्से में 6 किलोमीटर तक किसी तरह का खनन नहीं होना चाहिए। बावजूद इसके खनन जारी है। वहीं 6 दिसंबर को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने भी हरिद्वार जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया था कि वह सुनिश्चित करें कि गंगा से अवैध तरीके से खनन न हो। 

याचिका में एनजीटी के 18 फरवरी 2016 व अन्य कई आदेशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि खनन गतिविधि को रोकने के लिए किसी तरह का कदम प्राधिकरण और अधिकारियों के जरिए नहीं उठाया जा रहा।  

याची ने एनजीटी से मांग की है कि खनन के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त आदेश दिया जाए। इसके अलावा आदेशों पर तत्काल अमल के लिए भी प्राधिकरणों को निर्देश दिया जाए। अवैध खनन में संलिप्त लोगों पर भारी जुर्माना लगाने की भी मांग की गई है। 
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