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Water Crisis: भारी बारिश के बाद भी पिछले साल से कम रहा मुख्य जलाशयों का जल स्तर, जानें किस राज्य का क्या हाल

Sun, 04 Aug 2024 03:30 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार इन 150 निगरानी वाले जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता 178.784 अरब क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है, जो देश भर में अनुमानित 257.812 बीसीएम का लगभग 69.35 प्रतिशत है।
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Water Crisis - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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पूरा देश मानसून की चादर ओढ़ा हुआ। कहीं रिमझिम बारिश, तो कहीं बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इसके बावजूद देश के 150 मुख्य जलाशयों में औसत जल स्तर पिछले साल की तुलना में कम है, लेकिन पिछले दशक के स्तर से अधिक है।

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केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार, देश के विभिन्न क्षेत्रों में जल भंडारण स्तरों में जरूरी बदलाव सकारात्मक और चिंताजनक दोनों प्रवृत्तियों को दिखाता है। इन 150 निगरानी वाले जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता 178.784 अरब क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है, जो देश भर में अनुमानित 257.812 बीसीएम का लगभग 69.35 प्रतिशत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन जलाशयों में उपलब्ध भंडारण क्षमता 91.496 बीसीएम है, जो उनकी कुल भंडारण क्षमता का 51 प्रतिशत है। यह पिछले साल के इसी समयावधि के दौरान दर्ज किए गए भंडारण स्तर का 94 प्रतिशत और पिछले दशक के औसत के आधार पर सामान्य भंडारण का 107 प्रतिशत है।

25 जुलाई के बुलेटिन के अनुसार, इन जलाशयों में उपलब्ध भंडारण 69.27 बीसीएम था, जो कुल क्षमता का 39 प्रतिशत था। पिछले साल, इसी समय अवधि के दौरान मौजूद भंडारण 83.987 बीसीएम था और सामान्य भंडारण 72.411 बीसीएम था। इस प्रकार, इस सप्ताह भंडारण स्तर पिछले सप्ताह से अधिक है, लेकिन पिछले वर्ष की इसी अवधि और सामान्य भंडारण दोनों की तुलना में कम है।
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राज्यों का जानें हाल
इस क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान आते हैं, यहां 19.663 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 10 जलाशय हैं, जो सीडब्ल्यूसी की निगरानी में हैं। वर्तमान में, उनके पास 6.532 बीसीएम है, जो उनकी क्षमता का 33 प्रतिशत है, जो पिछले साल के 76 प्रतिशत और इस अवधि के लिए 53 प्रतिशत के सामान्य भंडारण से काफी कम है। हालांकि, यह मौजूदा स्तर पिछले सप्ताह के भंडारण 5.786 बीसीएम (क्षमता का 29 प्रतिशत) से अधिक है।

पूर्वी क्षेत्र में असम, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, नागालैंड और बिहार के कुल 23 जलाशय हैं, जिनकी कुल संग्रहण क्षमता 20.430 बीसीएम है। वे वर्तमान में 6.989 बीसीएम या क्षमता का 34 प्रतिशत हैं, जो पिछले साल के 31 प्रतिशत से अच्छा है। मगर 39 प्रतिशत के सामान्य भंडारण से कम है। इस सप्ताह का भंडारण पिछले सप्ताह के 5.630 बीसीएम (क्षमता का 28 प्रतिशत) से अधिक है।

इसके अलावा पश्चिमी क्षेत्र गुजरात और महाराष्ट्र में 49 जलाशय हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 37.130 बीसीएम है। वर्तमान में भंडारण 19.863 बीसीएम या क्षमता का 53 प्रतिशत है, जो पिछले साल के 63 प्रतिशत से कम है। मगर सामान्य भंडारण 48 प्रतिशत से बेहतर है। इस सप्ताह का भंडारण पिछले सप्ताह के 15.274 बीसीएम (क्षमता का 41 प्रतिशत) से अधिक दर्शाता है।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को मिलाकर मध्य क्षेत्र में 26 जलाशय हैं, जिनकी भंडारण क्षमता 48.227 बीसीएम है। वर्तमान भंडारण 23.102 बीसीएम (48 प्रतिशत) है, जबकि पिछले वर्ष यह 55 प्रतिशत था और सामान्य भंडारण स्तर 50 प्रतिशत था। इस सप्ताह का भंडारण पिछले सप्ताह के 16.042 बीसीएम (क्षमता का 33 प्रतिशत) से अधिक है।

आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु सहित दक्षिणी क्षेत्र में 42 जलाशय हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 53.334 बीसीएम है। वर्तमान भंडारण 35.010 बीसीएम (66 प्रतिशत) है, जो पिछले वर्ष के 50 प्रतिशत से अधिक है और सामान्य स्तर 47 प्रतिशत है। इस सप्ताह का भंडारण पिछले सप्ताह के 26.538 बीसीएम (क्षमता का 50 प्रतिशत) से वृद्धि दर्शाता है।

कुछ राज्यों ने पिछले साल की तुलना में बेहतर भंडारण स्तर दिखाया। असम, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, नागालैंड, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु उनमें से कुछ थे। इसके उलट राजस्थान, बिहार, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में कम भंडारण स्तर की सूचना मिली है।

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