मुंबई के पूर्व पुलिसआयुक्त परमबीर सिंह ने सोमवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख ने उन्हें दो-तीन बार बताया था कि जबरन वसूली और अन्य अवैध तरीकों से एकत्र पैसा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष जयंत पाटिल को दिया गया। पाटिल पार्टी के फंड का प्रबंधन करते थे।
'100 करोड़ की वसूली का लक्ष्य दिया था'
सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी ने आरोप लगाया कि 2019 से 2012 तक गृह मंत्री रहे अनिल देशमुख ने मुंबई से अपने अधिकारियों को सौ करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया था। उन्होंने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के दौरान भारतीय जनता पार्टी देवेंद्र फडणवीस सहित विपक्षी हस्तियों को निशाना बनाने की योजना के बारे में भी बात की थी।
देशमुख के बेटे ने किया पलटवार
अनिल देशमुख के बेटे सलिल ने सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि मुंबई पुलिस के पूर्व शीर्ष अधिकारी फडणवीस द्वारा तैयार की गई स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, परमबीर सिंह आप इतने दिनों तक कहां थे। परमबीर सिंह आप भाजपा और देवेंद्र फडणवीस द्वारा दी गई स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। आप भाजपा को कितना भी खुश कर लो एनआईए आपको गिरफ्तार कर लेगी।
'वसूली के लिए मेरे अधिकारियों दबाव डाला'
परमबीर सिंह ने दावा किया कि देशमुख ने उनके अधिकारियों को होटलों और रेस्तरां से सौ करोड़ रुपये वसूलने का लक्ष्य दिया था। उन्होंने कहा, सौ करोड़ रुपये का संग्रह लक्ष्य मुंबई शहर के लिए थे, जिसके लिए मेरे अधिकारियों पर दबाव डाला गया था। राज्य के बाकी हिस्सों के लिए अलग लक्ष्य था। प्रतिबंधित गुटखा व्यवसाय सहित अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को भी धन संग्रह पर चर्चा के लिए बुलाया गया था। उन्होंने कहा, जिन लोगों ने फोन किया था..वे देशमुख और उनके बेटे (सलिल) के संपर्क में थे।