महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार
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संसद में पारित कृषि सुधार विधेयकों को लेकर महाविकास आघाड़ी सरकार के घटक दल एकमत नहीं हैं। शिवसेना इसके समर्थन में है जबकि कांग्रेस और एनसीपी ने इसका विरोध किया है।
इस बीच उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शुक्रवार को कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार की कोशिश है कि कृषि सुधार विधेयकों को महाराष्ट्र में लागू न किया जाए।
उन्होंने कहा कि कृषि सुधार विधेयक किसानों को अपने हित में नहीं लग रहा है। एनसीपी समेत कई दलों ने इसका विरोध किया है। किसानों को लगता है कि विधेयक उनके हित में नहीं है, फिर पता नहीं क्यों केंद्र सरकार को विधेयक मंजूर कराने के लिए इतनी जल्दबाजी थी।
अजित ने कहा कि कृषि सुधार विधेयकों को लेकर मेरी अध्यक्षता में एक बैठक भी हो चुकी है। दूसरी ओर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष तथा राजस्व मंत्री बालासाहब थोरात ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि महाराष्ट्र में कृषि सुधार विधेयक लागू न हो। उन्होंने कहा कि इस मामले में सहयोगी दल एनसीपी और शिवसेना के साथ चर्चा करेगी। मुझे विश्वास है कि तीनों दल एकमत हो जाएंगे।
लागू करना पड़ेगा कृषि विधेयक : फडणवीस
विधान सभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कृषि सुधार विधेयकों को लागू न करने का फैसला किसान विरोधी है। कांग्रेस दोहरी भूमिका अपना रही है। किसान ही कांग्रेस को इसका जवाब देंगे। मुझे लगता है कि कांग्रेस की सरकारों को विधेयकों को लागू करना पड़ेगा।