संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण की गुरुवार को विदेशी राजदूतों ने तारीफ की। डेनमार्क के राजदूत फ्रेडी स्वेन ने अभिभाषण को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि उनका देश भारत को एक मजबूत आर्थिक ताकत के रूप में विकसित होते देखने के लिए उत्सुक है।
संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति मुर्मू के अभिभाषण के बारे में पूछे जाने पर स्वेन ने कहा, यह शानदार था। यहां क्या किया जाना है, इसको लेकर एक लंबा एजेंडा है। हम भारत को इस दुनिया की एक मजूबत आर्थिक शक्ति के रूप में बढ़ते हुए देखने के लिए उत्सुक हैं। यह एक बहुत बड़ी बात है।
राष्ट्रपति मुर्मू के अभिभाषण को सुनने के लिए विभिन्न देशों के प्रतिनिधि संसद पहुंचे। इस्राइल के राजदूत नोर गिलन, सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग और अन्य देशों के राजदूत संसद पहुंचे। अधिकारियों ने संसद पहुंचने पर राजनयिकों का स्वागत किया। अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ने आश्वासन दिया कि आगामी संसद सत्रों में प्रमुख आर्थिक और सामाजिक फैसलों और ऐतिहासिक कदमों का एलान केंद्रीय बजट के दौरान किया जाएगा।
उन्होंने कहा, देश में छह दशक बाद पूर्ण बहुमत के साथ एक स्थिर सरकार बनी है। लोगों ने तीसरी बार इस सरकार में भरोसा दिखाया है। लोग जानते हैं कि केवल यह सरकार ही उनकी आकांक्षाओं को पूरा कर सकती है। 18वीं लोकसभा कई मायनों में ऐतिहासिक है। इस लोकसभा का गठन अमृतकाल के शुरुआती वर्षों में हुआ था। यह लोकसभा देश के संविधान को अंगीकार किए जाने के 56वें वर्ष की गवाह भी होगी।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, आगामी सत्रों में यह सरकार इस कार्यकाल का पहला बजट पेश करने जा रही है। ये बजट सरकार की दूरगामी नीतियों और भविष्योन्मुखी दृष्टि का प्रभावी दस्तावेज होगा। बड़े आर्थिक और सामाजिक फैसलों के साथ-साथ इस बजट में कई ऐतिहासिक कदम भी देखने को मिलेंगे।
डेनमार्क के राजदूत ने संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण को शानदार बताया और कहा कि उनका देश भारत को दुनिया में एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में विकसित होते हुए देखने के लिए उत्सुक है।
स्लोवाकिया के राजदूत रॉबर्ट मैक्सियन ने कहा, आज राष्ट्र के भाषण को सुनना सौभाग्य की बात थी। हम अपने व्यापार औऱ निवेश को बढ़ाकर भारत के साथ अपने सहयोग को और गहरा करना चाहते हैं।
वहीं, फिलीपींस के राजदूत जोसेल फ्रांसिस्को ने कहा, हमें बहुत गर्व है कि राष्ट्रपति ने भारत के साथ हमारी ब्रह्मोस परियोजना का जिक्र किया, जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 75वां साल है और भारत व फिलीपींस के संबंध बहुत अच्छे चल रहे हैं।