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अध्ययन: 25 वर्षों में 60 फीसदी तक बढ़ सकता है डेंगू का खतरा, बढ़ते मामलों में 18% जलवायु परिवर्तन जिम्मेदार

Tue, 26 Nov 2024 05:36 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

वैज्ञानिकों ने 21 देशों में डेंगू के करीब 15 लाख मामलों का विश्लेषण कर यह पता लगाने का प्रयास किया है कि बढ़ता तापमान खास तौर पर अमेरिका और एशिया में डेंगू के प्रसार को कैसे प्रभावित कर रहा है। इस विश्लेषण से पता चला है कि डेंगू का प्रसार तब होता है जब तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास होता है और 27.8 डिग्री सेल्सियस तक उच्चतम स्तर पर पहुंच जाता है।
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डेंगू का मच्छर - फोटो : social media
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विस्तार
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जलवायु में आ रहे बदलावों के कारण 2050 तक डेंगू के मामलों में 40 से 60 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। इतना ही नहीं, कुछ क्षेत्रों में तो इसके मामले 200 फीसदी तक बढ़ सकते हैं।

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अमेरिकन सोसाइटी ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन एंड हाइजीन (एएसटीएमएच) की सालाना बैठक के दौरान पेश किए गए शोध अध्ययन में वैज्ञानिकों ने कहा है कि डेंगू के बढ़ते मामलों के लिए 18 फीसदी तक जलवायु परिवर्तन जिम्मेदार है। यह अध्ययन मैरीलैंड, हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से जुड़े शोधकर्ताओं ने किया है। वैज्ञानिकों ने 21 देशों में डेंगू के करीब 15 लाख मामलों का विश्लेषण कर यह पता लगाने का प्रयास किया है कि बढ़ता तापमान खास तौर पर अमेरिका और एशिया में डेंगू के प्रसार को कैसे प्रभावित कर रहा है।

इस विश्लेषण से पता चला है कि डेंगू का प्रसार तब होता है जब तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास होता है और 27.8 डिग्री सेल्सियस तक उच्चतम स्तर पर पहुंच जाता है। अधिक गर्मी होने से इसका प्रसार धीमा पड़ जाता है। 2023 के दौरान अमेरिकी राज्यों में डेंगू के 45.9 लाख से ज्यादा मामले सामने आए थे। वहीं, 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 1.25 करोड़ पर पहुंच गया है। यानी इस दौरान डेंगू के मामले में 160 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हुई।  
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जलवायु परिवर्तन मच्छरों से होने वाली बीमारियों की बड़ी वजह
अध्ययन बताता है कि जलवायु परिवर्तन दुनिया में मच्छरों की वजह से पैदा होने वाली बीमारियों में हो रहे इजाफे की एक बड़ी वजह है। जिस तरह जलवायु बदल रही है उसकी वजह से मच्छर उन स्थानों पर भी पनपने लगे हैं जहां वे पहले नहीं पनपते थे। यदि उत्सर्जन में तेजी से कटौती की जाए तो 2050 तक डेंगू के मामलों में होने वाली 60% की वृद्धि को 40% पर सीमित किया जा सकता है।

सर्वाधिक प्रभावित 30 देशों में भारत भी
डेंगू से सर्वाधिक प्रभावित 30 देशों में भारत भी शामिल है। भारत में पिछले पांच वर्षों के दौरान डेंगू के मामलों में करीब 84% की वृद्धि हुई है। 2020 में डेंगू के 1,57,315 मामले सामने आए थे, वहीं 2023 में यह बढ़कर 2,89,235 तक पहुंच गए। इस अवधि में डेंगू से मौतों में 192 फीसदी वृद्धि हुई। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि दो दशकों में वैश्विक स्तर पर डेंगू के मामलों में वृद्धि हुई है। 2023 के अंत तक 129 से अधिक देशों में डेंगू संक्रमण की रिपोर्ट सामने आई है।

और बदतर होंगे प्रभाव
अध्ययन से जुड़ी वरिष्ठ शोधकर्ता एरिन मोर्डेकाई का कहना है कि बढ़ते तापमान और डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच स्पष्ट और सीधा संबंध है। वहीं, अध्ययन के जो नतीजे सामने आए हैं वह दर्शाते हैं कि इसके प्रभाव और भी बदतर हो सकते हैं। इसके आधार पर यह तय किया जा सकता है कि भविष्य में स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं के निर्माण में किन मुद्दों पर गौर करना जरूरी है।

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