अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए विख्यात पाकिस्तानी मूल के लेखक तारिक फतेह ने नोटबंदी के फैसले को देशहित में ठहराया और कहा कि इससे पाकिस्तान, नक्सलवाद और आतंक फैलाने वाले दाऊद जैसों की कमर टूटी है।
उन्होंने कहा कि भीतरी बौखलाहट के चलते दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला सहित विभिन्न नेता केन्द्र सरकार को निशाने पर ले रहे हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर आरोप लगाया कि भारत के कई नेता काले धन के पक्षधर हैं। फतेह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है।
जयपुर के अणुविभा केंद्र में जयपुर डायलॉग्स फोरम की ओर से आयोजित दो दिवसीय सेमिनार में तारिक फतेह ने कहा कि पुराने नोटों की बंदी बदलाव वाला कदम है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो नेता आम लोगों की बात करते हुए नोट बंदी को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं, वे आम लोगों के साथ कितना वक्त बिताते हैं?